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मुख्यमंत्री का कमलनाथ को जवाब, संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाते लज्जा नहीं आती

मुख्यमंत्री का कमलनाथ को जवाब, संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाते लज्जा नहीं आती
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भोपाल। प्रदेश में जारी उपचुनाव प्रचार के बीच निर्वाचन आयोग द्वारा कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लेने के बाद सियासत गरमा गई है। कमलनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया की अब जनता फैसला करेगी यह मेरी आवाज को रोकने का, दबाने का प्रयास है। कांग्रेस की आवाज को कुचलने का प्रयास है। सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। जनता सच्चाई का साथ देगी। कमलनाथ के इस बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया है।

कमलनाथ की इस प्रतिक्रिया पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जमकर निशाना साधा।उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा की यह कमलनाथ की हताशा और निराशा का प्रतीक है।उन्होंने कहा कमलनाथ जी की नजरों में बाकि सब गलत है , उनकी नजरों में चुनाव आयोग गलत है, उनकी नजरों में उनके नेता राहुल गांधी भी गलत है,उनकी नजरों में कर्मचारी अधिकारी गलत है, सही कौन है। सीएम ने कहा की वह अधिकारियों से धमाकने वाली भाषा में बात करते है।वह अधिकारियों से कहते है, देख लूंगा, कर्मचारियों से निपट लूंगा, क्या निपटोगे।सीएम शिवराज ने कहा कि सबसे बड़ी जनता होती है और अधिकारी- कर्मचारियों का भी आत्मसम्मान होता है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि यह धमकाना चमकाना बंद करों, मप्र प्रेम की भाषा जानता है। अब चुनाव आयोग ने भी किया तो बदले की भावना से किया, संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाते हुए आपकों लज्जा नहीं आती है।

भाजपा शानदार सफलता हासिल कर रही -

मुख्यमंत्री ने चुनाव में जीत को लेकर कहा कि भाजपा शानदार सफलता हासिल कर रही है। कमलनाथ जी का दर्द है कि सत्ता चली गई और सत्ता भी कोई जनकल्याण और विकास के लिए नहीं थी, मप्र को लूटने सत्ता अपने पास रखी थी। मप्र को दलालों की मंडी बना दिया था और इसलिए उन्हें यह दुर्दिन देखने पड़े, कम से कम अब तो समझे।




Updated : 31 Oct 2020 8:32 AM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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