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गुण्डा एवं माफिया मुक्त प्रदेश हो : बाला बच्चन

गुण्डा एवं माफिया मुक्त प्रदेश हो : बाला बच्चन
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मुरैना। प्रदेश के गृह, जेल, तकनीकी, शिक्षा और कौशल विकास, लोक सेवा प्रबंधन मंत्री बाला बच्चन ने चम्बल संभाग के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कहा है, कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व की सरकार गुण्डा एवं माफिया मुक्त प्रदेश चाहती है। इसके लिये पुलिस फ्रीहेण्ड होकर कार्य करें। कितना भी बड़ा माफिया या गुण्डा क्यों न हो किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिये। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। माफिया से लिप्त लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही की जाये।

गृह मंत्री ने कहा कि जनता के प्रति पुलिस सम्वेदन शील बने, जनता के प्रति भय मुक्त वातावरण हो, लेकिन अपराधियों के प्रति भय का वातावरण होना चाहिये। इसके लिये पुलिस को और अधिक कसावट लाने की जरूरत है। क्योंकि हमें हर हाल में गुण्डा एवं माफिया मुक्त प्रदेश चाहिये, किसी भी तरह का अपराध नहीं चाहिये। इसके लिये पुलिस को फ्रीहेण्ड किया गया है। पुलिस को किसी के दबाव में काम करने की जरूरत नहीं है। जनता जनार्दन की समस्याओं को पूरी गंभीरता के साथ सहानुभूति पूर्वक सुना जाये। पुलिस के प्रति जनता में किसी भी तरह का भय नहीं रहे। आमजन पुलिस थाने पर आने में असुरक्षा मेहसूस नहीं करें, हमें ऐसा वातावरण तैयार करना है। लेकिन अपराधियों के खिलाफ ऐसा भय बनाये कि वे पुलिस के डर से कोई अपराध नहीं कर सकें। उन्होंने कहा कि मिलावट खोरों के खिलाफ शक्ति से कार्यवाही करें। इसी तरह अवैध उत्खनन की रोकथाम के लिये भी कड़ी कार्यवाही की जाये। अवैध उत्खनन को रोकने के लिये हमें और कितने संस्थानों की आवश्यकता है, प्रस्ताव तत्काल भेंजे। उन्होंने शहरों के अलावा बड़े कस्बों, गांवों में सी.सी.टीव्ही. कैमरा अच्छी क्वालिटी के लगाने, रिक्त पड़े पुलिस के पदों पर भर्ती करनें, पदोन्नति पर शीघ्र निर्णय लेने, 100 डायल हेतु अतिरिक्त वाहन, थाने स्तर पर फोरव्हीलर, टूव्हीलर उपलब्ध कराने कर्मचारियों के आवास गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का आश्वासन पुलिस अधिकारियों को दिया।

बैठक में चम्बल रेन्ज के महानिरीक्षक श्री डीपी गुप्ता ने पाॅवर प्रेजेेन्टेशन के माध्यम से पुलिस द्वारा की गई कार्यवाहियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आकस्मिक योजनाओं में मर्डर एवं रैप के मामले में पीड़िता को सवा 4 लाख रूपये दिये जाते थे। हमनें अपने प्रयासों से यह राशि एक मुस्त सवा 8 लाख रूपये देना शुरू कर दिया है। अभी तक 41 मामलों में यह राशि भुगतान की जा चुकी है। उन्होंने मंत्री जी से डकैती अधिनियम के महत्व पर चर्चा करते हुये इसे खत्म नहीं करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि चम्बल रैन्ज में एक जनवरी से लेकर अभी तक फरारी के 299, लूट के 141, डकैती के 8, चैरी के 90, वाहन संबंधी 106, आवकारी संबंधी 3917 और नारकोटिक्स के 180 प्रकरण का निराकरण किया है। अवैध रेत खनन एवं परिवहन के मामले में 246 ट्रक, 237 ट्रेक्टर- ट्राॅली, 103 डम्फर एवं 12 अन्य वाहन इस तरह 598 वाहनों को जप्त कर 47 लाख 52 हजार 500 रूपये वसूल किये गये है। संयुक्त कार्यवाही में 777 वाहनों को जप्त कर 18 करोड़ 72 लाख 58 हजार 920 रूपये वसूल किये गये है। श्री गुप्ता ने कहा कि उत्खनन के लिये ठेके हो रहे है, इन पर निगरानी रखने के लिये प्रक्रिया भी पूरी पारदर्शी होनी चाहिये। इनके वाहनों में जीपीएस सिस्टम लागू करने एवं आवश्यकता स्थानों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने, कन्ट्राॅल सेन्टर, चैक पोस्ट एवं नाके लगाने की मांग की। बैठक में पुलिस अधीक्षकों ने भी अपने-अपने जिलों की उपलब्धियों के साथ-साथ समस्यायें रखीं। जिस पर गृह मंत्री ने कहा बैठक में जितने भी संस्थानों एवं सुझाव दिये गये है। उन सभी का प्रस्ताव बनाकर मुझे भेजे, ताकि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री की बैठक में अन्तिम निर्णय लेकर अगले वित्तीय सत्र में सभी चाहे गये संस्थानों की पूर्ति की जा सके।

Updated : 12 Dec 2019 12:30 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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