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खजुराहो से बीडी शर्मा के उम्मीदवार घोषित होते ही भाजपा में बगावत शुरू

-कटनी के पूर्व विधायक ने दिया इस्तीफा, कहा-बाहरी उम्मीदवार बर्दाश्त नहीं

खजुराहो से बीडी शर्मा के उम्मीदवार घोषित होते ही भाजपा में बगावत शुरू
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खजुराहो/छतरपुर। खजुराहो लोकसभा सीट से भाजपा ने रविवार को अंतत: प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा को उम्मीदवार घोषित कर दिया। विष्णुदत्त शर्मा के उम्मीदवार घोषित होते ही जहां स्थानीय मुद्दे को लेकर विरोध हो रहा है तो वहीं कटनी के मुडवारा विधानसभा के पूर्व विधायक गिरीराज किशोर राजू पोतदार ने प्रदेश अध्यक्ष भाजपा को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि वह उम्मीदवार के चयन प्रक्रिया से बहुत ही आहत और क्षुब्ध हैं। इसलिये भाजपा संगठन द्वारा दिये गये समस्त पद और दायित्व से स्वयं को तत्काल प्रभाव से प्रथक करता हूं।

छतरपुर जिले की चंदला और राजनगर विधानसभा जो खजुराहो क्षेत्र में आती है, वहां भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों ने विष्णुदत्त शर्मा को उम्मीदवार बनाये जाने पर पटाखे फोड़े तो कुछ लोगों ने विरोध भी किया। हालांकि शुरू से खजुराहो क्षेत्र के कार्यकर्ता स्थानीय उम्मीदवार की मांग कर रहे थे और भाजपा के उम्मीदवार के चयन में विलंब किये जाने से वैसे ही कार्यकर्ता निराश थे, लेकिन जैसे ही कार्यकर्ताओं ने बाहरी उम्मीदवार का नाम सुना तो उनमें मायूसी देखने को मिली, जबकि कांग्रेस ने बहुत पहले ही खजुराहो से कविता राजे को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। उम्मीदवार घोषित होते ही उन्होंने अपना जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर दिया था।

कविता राजे वर्तमान में नगर पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके पति विक्रम सिंह नातीराजा राजनगर क्षेत्र से दूसरी बार विधायक हैं। वह राजघराने से तालुकात रखती हैं। उनका मायका भी पन्ना जिला में है। चूंकि खजुराहो लोकसभा में पन्ना, कटनी और छतरपुर जिले की दो विधानसभा सीटें आती हैं। जिसका लाभ कांग्रेस उम्मीदवार को मिलने की उम्मीद हैं और वह वर्तमान में मजबूत उम्मीदवार भी हैं। भाजपा उनकी तुलना में सशक्त उम्मीदवार की तलाश करने का अभी तक बहाना करती रही। जैसे ही नामांकन भरने के चार दिन शेष बचे, वैसे ही भाजपा प्रदेश महामंत्री बीडी शर्मा को खजुराहो से उम्मीदवार घोषित कर दिया।ताकि कार्यकर्ता ज्यादा विरोध भी न कर सकें। लेकिन उनका नाम सुनते ही विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं।

छतरपुर जिले से ही कई भाजपा नेता खजुराहो से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। अब यह दावेदार भले ही खुलेआम विरोध में सामने नहीं आयेंगे, लेकिन पार्टी में अंतर्कलह जरूर देखने को मिलेगा, जिसका खामियाजा उम्मीदवार को भुगतना पड़ सकता है। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा उम्मीदवार के चयन में स्थानीय कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया था, जिस कारण छतरपुर जिले की एक विधानसभा सीट पर ही भाजपा उम्मीदवार की जीत हुई थी। अन्य सभी विधानसभा सीटें कांग्रेस के खाते में गयी थीं।

पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह बुन्देला खजुराहो सीट से भाजपा के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे और वह लगातार जनसंपर्क में जुटे थे। यहां तक कि पिछले दिनों उन्होंने लाव-लश्कर के साथ पन्ना पहुंचकर खजुराहो सीट से नामांकन भी दाखिल किया था। ऐसी स्थिति में विजय बहादुर को उम्मीदवार न बनाये जाने पर क्या अब भाजपा के घोषित उम्मीदवार बीडी शर्मा का समर्थन कर पाएंगे। समाजसेवी नंदिता पाठक का नाम भी काफी उछला हुआ था, लेकिन उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया। पूर्व सांसद स्व. जीतेन्द्र सिंह की पत्नि वंदना सिंह का नाम भी चर्चाओं में आया था। ऐसे कौन से समीकरण भाजपा के सामने आ गये, जिसके कारण बाहर का उम्मीदवार लाकर खजुराहो में थोपा गया। पहले दिन से ही विरोध शुरू हो गया है। अब आगे आने वाले दिनों में क्या होता है, यह तो समय ही बतायेगा।

Updated : 14 April 2019 5:43 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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