युवा शक्ति ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिलाः कैलाशचंद्र

इंदौर। युवा शक्ति ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। राष्ट्र निर्माण के लिए केवल आधुनिकता ही नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा और समर्पण का भाव भी आवश्यक है। उनके ओजस्वी और प्रेरक उद्बोधन ने युवाओं में आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को और सुदृढ़ किया। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र प्रचार प्रमुख कैलाशचंद्र ने प्रथम सत्र में “आरएसएस @ 100: विचार, योगदान और भविष्य की दिशा” विषय पर बोलते हुए कहीं। इसके पूर्व युवा महोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव का शुभारंभ 6 फरवरी को उत्साह, ऊर्जा और राष्ट्रभाव से परिपूर्ण वातावरण में हुआ। महोत्सव के प्रथम दिवस युवा शक्ति, वैचारिक जागरण और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में गंभीर मंथन देखने को मिला।
दीप प्रज्वलन के साथ मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ
प्रातः 10 बजे दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। समारोह में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंह, कुलसचिव प्रज्वल खरे तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख (मध्य क्षेत्र) एवं मुख्य वक्ता कैलाशचंद्र मंचासीन रहे। स्वागत उद्बोधन में कुलगुरु राकेश सिंह ने कहा कि युवा महोत्सव जैसे आयोजन युवाओं को राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वबोध से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम की प्रस्तावना युवा महोत्सव समिति के संयोजक धर्मेंद्र जाट ने रखी।
द्वितीय सत्र में आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा
द्वितीय सत्र में ब्रिगेडियर रजत कुमार (डायरेक्टर, फैकल्टी ऑफ स्ट्रेटेजी, आर्मी वॉर कॉलेज, महू) ने आंतरिक सुरक्षा एवं सामुदायिक सुरक्षा की आवश्यकता विषय पर विचार रखते हुए युवाओं से सतर्क, अनुशासित और राष्ट्रहित में सजग भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता से भी सुनिश्चित होती है।
पुस्तक मेला एवं फूड मेले का शुभारंभ
परिसर में लगी विभिन्न विषयों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं भ्रमण किया गया। साथ ही पुस्तक मेला और फूड मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ, जिसने युवाओं को ज्ञान, संस्कृति और स्वाद तीनों से जोड़ने का कार्य किया। विशेष रूप से मालवा अंचल के पारंपरिक व्यंजनों ने युवाओं को आकर्षित किया। कार्यक्रम का आरंभ प्रातः 9.30 बजे स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ, जहां उपस्थित अतिथियों एवं युवाओं ने भारत के महान विचारक को नमन कर उनके आदर्शों का स्मरण किया।
