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पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों के लिए की ये मांग

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों के लिए की ये मांग
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इंदौर। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि कोरॉना जैसी इन विषम परिस्थितियों में आयोजित होने जा रही ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन यानी जेईई मेन और नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट एग्जाम की परीक्षाएं आयोजित न करवाये।

पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है की प्रदेश सरकार इन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखें। क्योंकि कोरोना संक्रमण जिस तरह प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है इन परिस्थियों में यह परीक्षाएं आयोजित करवाना जानबूझ कर युवाओं और विद्यार्थीयों की जान को जोखिम में डालने जैसा होगा। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में कोविड-19 के खतरों से अवगत करवाते हुए इस महामारी से युवाओं एवं विद्यार्थीयों की रक्षा हेतु जेईई और नीट की परीक्षाओं को रद्द करने की बात भी कही है।

पत्र के अंश -

उन्होंने अपने पत्र में लिखा की कोरोना के चलते विश्व ही नहीं हमारा देश और प्रदेश इस महामारी से जूझ रहा है। यह किसी से छुपा नहीं है कि मार्च माह में आपने प्रदेश की सत्ता सम्हाली है, उस समय कोरोना संक्रमण की शुरूआत हो चुकी थी। जिसे नियंत्रण करने की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी और मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार की बनती थी। लेकिन कोरोना पर काबू पाने की तमाम कोशिशों के बावजूद भी इस पर आज तक नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। आप स्वयं भी इससे अछूते नहीं रहे और सिर्फ आप ही नहीं बल्कि राज्य सरकार के कई मंत्रिगण और विधायकों सहित राजनीतिक पार्टीयों के कार्यकर्ता और नेता भी विगत दिनों कोरोना की चपेट में आए है। उन्होंने आगे अपने पत्र में कहा है कि देश में कोरोना का यह प्रकोप दिन पर दिन लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे वक्त में आपके नेतृत्व में ग्वालियर-चंबल संभाग में तीन दिवसीय भाजपा का सदस्यता अभियान चलाया गया। जिसमें कोविड-19 के लिए जारी की गई गाइड लाइन का खुलकर मखौल उड़ाया गया और केंद्र सरकार तथा सुप्रीम कोर्ट के नियमों का जमकर उलंघन किया गया। जिसका परिणाम यह हुआ कि कार्यक्रम में उपस्थित 36 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ता कोरोना संक्रमित पाए गए है।पूर्व

पूर्व मंत्री पटवारी ने उनकी इस माँग को राजनीतिक दृष्टि से न लेने की बात भी अपने पत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा कि जेईई और नीट की परीक्षाओं को रद्द कर कोरोना संक्रमण से युवाओं और विद्यार्थीयों के स्वास्थ्य से होने वाले खिलवाड़ से उन्हें बचाया जा सकता है। इसे राजनीतिक दृष्टि से परे प्रदेश की जनता के हित में किए गए निवेदन के रूप में देखकर इस पर निर्णय लें।

Updated : 2020-09-04T06:50:17+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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