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90 हजार वर्गफीट में दीवार निर्माण का आदेश देने का कारनामा

एसडीएम ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया आदेश, निगम से नहीं ली गई अनुमति

90 हजार वर्गफीट में दीवार निर्माण का आदेश देने का कारनामा
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ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) को अपने अधिकार क्षेत्र में सिर्फ नजूल अनापत्ति देने का अधिकार है, किंतु लश्कर एसडीएम ने अपने एक आदेश में 90 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में 15 फीट की दीवार बनाने का आदेश जारी करने का कारनामा कर डाला। इस आदेश की आड़ में संबंधित संस्थान ने निगम की अनुमति के दीवार और दो दरवाजे बना लिए।

जानकारी के मुताबिक यह कारनामा लश्कर एसडीएम सीबी प्रसाद द्वारा 15 फरवरी 2019 को ग्राम आहूखाना कला के सर्वे क्रमांक 96, 123, 124 में आदेश क्रमांक 301/15 16/ बी 121 के जरिए किया। दरअसल यहां सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के सचिव राणा कर्ण सिंह की ओर से नजूल एनओसी के लिए आवेदन दिया गया था।जिसे पूर्व में इसी न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। बाद में अपर कलेक्टर द्वारा 22 जनवरी 2019 को सुनवाई के बाद इसे पुनः एसडीएम न्यायालय में भेजा गया था। जिस पर अपने विवादास्पद आदेशों के लिए चर्चित एसडीएम सीबी प्रसाद ने नजूल अनापत्ति तो दी ही, जो कि उनके अधिकार क्षेत्र में था साथ ही सारे नियम कायदे तोड़ते हुए दीवार और द्वार निर्माण की अनुमति भी दे डाली। जबकि शहर में किसी भी तरह के निर्माण के लिए नगर निगम निगम से अनुमति ली जाती है। इतना ही नहीं इस आदेश में उच्च न्यायालय की एक याचिका क्रमांक 113/ 2004 आदेश 24 नवंबर 2008 का जिक्र किया गया है, जबकि ऑनलाइन देखने पर इस याचिका में किसी और प्रकरण की जानकारी है। इससे स्पष्ट है कि श्री प्रसाद ने सब कुछ जानते हुए भारी दबाव के चलते जानबूझकर निर्माण की अनुमति देने की कार्रवाई की।

गजट नोटिफिकेशन का नहीं किया अध्ययन

मध्य भारत प्रांत 1948 के गजट नोटिफिकेशन के अनुक्रमांक क्रमांक 4 में वह संपत्तियां आती हैं, जो तत्कालीन रियासतों से केंद्र सरकार के पास चली गई थीं, जिन्हें वापस नहीं लिया जा सकता। यह जमीन भी उसी तरह की है।

मुख्य मार्ग की है जमीन

उपनगर ग्वालियर में कोटेश्वर मंदिर के बाहर मुख्य मार्ग पर स्थित इस जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण के लिए नगर एवं ग्राम निवेश व नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। किंतु यहां इन दोनों विभागों से कोई अनुमति नहीं लेना उचित नहीं समझा गया।

इनका कहना

मैंने नजूल अनापत्ति में दीवार और द्वार निर्माण की बात इस शर्त के साथ लिखी है कि यदि अंदर के हिस्से में कोई निर्माण किया जाए तो इस न्यायालय से अनुमति ली जाए। फिर भी यदि किसी को दीवार खड़ी करने पर आपत्ति है तो वह ऊपरी न्यायालय में जा सकता है।

सीबी प्रसाद, एसडीएम लश्कर

अनुविभागीय अधिकारी लश्कर ने अपने अधिकार क्षेत्र का हनन करते हुए कोटेश्वर मंदिर के बाहर नजूल अनापत्ति के साथ निर्माण की अनुमति दी है। जिसके खिलाफ क्षेत्र और कॉलोनी के लोगों ने वाद दायर कर रखा है। कायदे से मुख्य मार्ग पर किसी भी निर्माण के लिए नगर एवं ग्राम निवेश और नगर निगम से अनुमति लेना चाहिए।

ह्रदेश सोनी,अधिवक्ता

Updated : 2020-07-24T06:30:39+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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