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श्रमिक व कर्मचारियों में कोरोना पाए जाने पर संचालक पर एफआईआर न की जाए: चेम्बर

श्रमिक व कर्मचारियों में कोरोना पाए जाने पर संचालक पर एफआईआर न की जाए: चेम्बर
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ग्वालियर, न.सं.। लॉकडाउन अवधि में अनुमति प्राप्त उद्योगों में कार्यरत श्रमिक व कर्मचारियों में कोरोना का प्रकरण पाए जाने पर इकाई संचालक पर एफआईआर न किए जाने के संबंध में चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं सांसद विवेक शेजवलकर को पत्र प्रेषित किया है।

चेम्बर पदाधिकारियों ने बताया कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन का द्वितीय चरण 3 मई तक लागू किया गया है। इस अवधि में 20 अप्रैल के बाद नगर निकाय क्षेत्र के बाहर के औद्योगिक क्षेत्र और उसमें स्थापित इकाईयों को कार्य प्रारंभ करने की सशर्त अनुमति दी गई है। इस अनुमति के बाद संचालित उद्योग में अगर लॉकडाउन अवधि में किसी भी श्रमिक व कर्मचारी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई तो उद्योग संचालक व स्वामी के विरूद्घ एफआईआर का प्रावधान किया गया है। चेम्बर ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के लक्षण 14 दिन में आते हैं। ऐसी स्थिति में फैक्ट्री संचालक का कोई दोष नहीं माना जा सकता है। चेम्बर ने मांग की है कि किसी इकाई में किसी श्रमिक व कर्मचारी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद यह जरूर देखा जाना चाहिए कि उस इकाई ने कोविद-19 से बचाव हेतु सुरक्षा मानकों का पालन किया है अथवा नहीं। यदि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया है और उसमें कोई चूक नहीं की है तो एफआईआर की कार्रवाई नहीं की जाना चाहिए। वहीं चेम्बर ने कमर्शियल संपत्ति पर संपत्ति कर 25 से बढ़ाकर 62 रुपए प्रति वर्गफुट किए जाने का चेम्बर ने विरोध किया है। चेम्बर ने कहा है कि अगर यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

Updated : 2020-04-23T14:31:13+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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