पांच महाविद्यालयों की कराई फर्जी परीक्षा, विवि ने नहीं बनाया था केंद्र

मामला सामने आने के बाद विवि ने उठाया सख्त कदम
ग्वालियर/न.सं.। जीवाजी विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं के लिए जिन महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया था वहां परीक्षा कराने की बजाय निजी महाविद्यालय में करा दी गई। यह सब शासकीय महाविद्यालय के प्रबंधन ने संचालकों से मिलीभगत करके किया, जिससे छात्रों को नकल कराई जा सके। मामला सामने आने के बाद विवि ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित महाविद्यालय से जवाब-तलब किया है।
जीवाजी विवि ने बीए प्रथम, द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं के लिए शासकीय वृंदासहाय महाविद्यालय डबरा को परीक्षा केंद्र बनाते हुए संत कंवरराम महाविद्यालय डबरा के भवन को अधिग्रहीत किया। विवि ने निर्देशित किया था कि क्षेत्र के पांच निजी महाविद्यालयों की परीक्षा संत कंवरराम महाविद्यालय में कराई जाए। महाविद्यालय प्रबंधन ने यह परीक्षा यहां पर कराने की बजाय गौतम महाविद्यालय डबरा में करा दी। पहले प्रश्न पत्र में 350 परीक्षार्थी शामिल हुए। शनिवार को बीए द्वितीय वर्ष हिंदी विषय की परीक्षा कराई गई, जिसमें 262 छात्रों ने परीक्षा दी। विवि प्रशासन को यह सूचना मिली कि संत कंवरराम महाविद्यालय की बजाय गौतम महाविद्यालय में परीक्षा कराई जा रही है। इस पर विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. आर.के.एस. सेंगर ने वंृदासहाय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कृष्णा वरिष्ठ से जानकारी ली तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि यह परीक्षा कराई जा रही हैं। इस पर विवि प्रशासन ने संबंधित महाविद्यालय से जवाब-तलब किया है और यह जानकारी मांगी है कि बिना परीक्षा केंद्र बनाए उक्त महाविद्यालय में परीक्षा क्यों कराई जा रही है। सूत्रों की मानें तो महाविद्यालय प्रबंधन ने संबंधित निजी महाविद्यालयों के संचालकों से सेटिंग कर ली थी। इसलिए जानबूझकर निजी महाविद्यालय में परीक्षा कराई गई, जिससे छात्रों को नकल कराई जा सके। विवि प्रशासन इसकी भी जांच-पड़ताल करवा रहा है। बताया जा रहा है कि इसमें विवि के भी कुछ अधिकारियों की मिलीभगत है। जिनकी कहीं न कहीं मौन स्वीकृति रही है।
इन महाविद्यालयों का संत कंवरराम में था केंद्र
गौतम महाविद्यालय, डबरा
मां भगवती महाविद्यालय, भितरवार
वन खंडेश्वर महाविद्यालय, डबरा
इंद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडीज, डबरा
बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, डबरा
प्राचार्य का तर्क, परीक्षा कराने की नहीं थी व्यवस्था, भेजा था पत्र
विवि प्रशासन ने जब महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वरिष्ठ से जवाब-तलब किया तो उन्होंने तर्क दिया कि संत कंवरराम महाविद्यालय में 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएं चल रहीं थी और इतनी जगह नहीं है कि विवि की परीक्षाएं यहां पर कराई जा सकें। इस संबंध में 12 फरवरी को विवि को पत्र भी भेज दिया था। परीक्षा नियंत्रक ने जब पत्र दिखवाया तो उसमें सिर्फ यह कहा गया कि हमारे यहां पर इतने छात्रों की परीक्षा कराने की व्यवस्था नहीं है। अब सवाल यह उठता है कि महाविद्यालय ने विवि को पत्र तो भेज दिया, लेकिन नए केंद्र पर परीक्षा कराने की अनुमति क्यों नहीं ली और किसी अधिकारी को इस संबंध में सूचना क्यों नहीं दी। विवि प्रशासन इसकी भी जांच करवा रहा है कि बिना अनुमति के निजी महाविद्यालय में परीक्षा क्यों करवाई गई।
इनका कहना है
क्षेत्र के पांच निजी महाविद्यालयों की परीक्षा कराने के लिए संत कंवरराम महाविद्यालय के भवन को अधिग्रहीत कर परीक्षा केंद्र बनाया था। यहां पर परीक्षा कराने की बजाय बिना अनुमति के निजी महाविद्यालय में परीक्षा क्यों कराई गई। संबंधित प्राचार्य को नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब-तलब किया जा रहा है।
-डॉ. आर.के.एस. सेंगर
परीक्षा नियंत्रक, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर
छात्रों को दी गलत प्रश्न की जानकारी, सौंपा ज्ञापन
शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय में शनिवार को बीएससी प्रथम वर्ष हिन्दी विषय की परीक्षा कराई गई। कक्ष क्रमांक 80 में छात्रों ने एक शिक्षक से संबंधित विषय के प्रश्नों के संबंध में पूछा तो उन्होंने छात्रों को गलत जानकारी दे दी। जिससे करीब आधा सैकड़ा छात्रों ने गलत प्रश्न को ही हल कर दिया। इसे लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रतिनिधि मंडल प्राचार्य से मिला और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। इस पर प्राचार्य द्वारा उन शिक्षक पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। छात्र नेताओं ने कार्रवाई न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रतिनिधि मंडल में अनमोल व्यास, विभाग संयोजक सूरज दीक्षित, कार्यालय मंत्री रोहित सोनी, मयंक पालीवाल, गौरव पाठक, राहुल भार्गव, रोहित कुशवाह, रवि, सूरज गौंड, सक्षम शर्मा आदि उपस्थित रहे।
