मोबाइल से बात करने पर बसों का परमिट होगा निरस्त

आरटीओ ने जारी किए आदेश
ग्वालियर/न.सं.। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) एम.पी. सिंह द्वारा आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए यात्री बसों पर जबरदस्त कार्रवाई की जा रही है। आरटीओ द्वारा संचालित बसों की हर छोटी और बड़ी कमियों को जांचा जा रहा है। इसी संबंध में आरटीओ ने मध्यप्रदेश शाासन के नेतृत्व में यात्री वाहनों के लिए आदेश गत दिवस जारी किए हैं। आदेशों का पालन नहीं होने पर आरटीओ ने बसों के परमिट मौके पर ही निरस्त करने की बात कही है।
आरटीओ ने अपने आदेशों में कहा है कि केन्द्रीय मोटरयान नियम 119 के अनुसार बसों में प्रेशर हॉर्न का उपयोग नहीं किया जाएगा। वाहन संचालन के समय मोबाइल का उपयोग नहीं होना चाहिए। वाहन के प्रत्येक द्वार पर किराया सूची चस्पा होनी चाहिए। आरटीओ ने अपने आदेश में कहा है कि वाहन में दिव्यांगों को चढऩे व उतरने के लिए दरवाजों पर पर्याप्त हैण्डल, फोल्डिंग सीढ़ी, रैम्प की व्यवस्था तथा कम से कम पांच सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए प्रवेश/निर्गम द्वार के नजदीक सुरक्षित रखी जाना आवश्यक है। क्षमता से अधिक लोगों को नहीं बैठाना होगा। चालक व परिचालक को वर्दी पहनना जरूरी होगा रहेगी। आरटीओ ने अपने आदेश में कहा है कि वाहन में महिलाओं, छोटे शिशुओं को स्तनपान कराने वाली माताओं और दिव्यांगनों के लिए सीटों को आरक्षित रखना आवश्यक होगा। वाहन चलाने में चालक और परिचालक को धूम्रपान और मदिरा का सेवन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। वाहन की गति तय सीमा में होनी चाहिए। वाहन चलाते समय चालक व परिचालक ऐसा कोई भी कार्य नहीं करेंगे जो आमजन के लिए खतरनाक साबित हो। आदेश में कहा है कि विभाग द्वारा वाहनों की जाँच के दौरान अगर नियमों का पालन नहीं होते पाया गया तो पहले वाहन का आठ दिन के परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। इसके उपरांत भी अगर पुन: नियमों के पालन में ढिलाई बरती गई तो यात्री वाहन का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा।
टैम्पो व ऑटो में फिल्मी गाने बजाने पर प्रतिबंध
शहर में टैम्पों और ऑटो की भरमार हो गई है। इन टैम्पों व ऑटो में चालकों द्वारा अपने वाहन में म्यूजिक सिस्टम लगाकर फिल्मी गाने बजाएं जाते हैं, जिससे महिला यात्रियों को असुविधा तो होती ही है साथ ही ध्वनि प्रदूषण भी उत्पन्न होता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच के दौरान परिवहन विभाग द्वारा कई बार इन टैम्पों और ऑटो चालकों को चेतावनी दी गई है कि वह अपने वाहन में म्यूजिक सिस्टम का उपयोग नहीं करें, लेकिन इसके बावजूद भी म्यूजिक सिस्टम का बजना बंद नहीं हुआ है। अत: क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने जनहित व पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नगरीय सीमा में संचालित ऑटो रिक्शा एवं टैम्पों वाहनों में बिना अनुमति के म्यूजिक सिस्टम लगाया जाना प्रतिबंधित कर दिया है। अनुमति के बिना म्यूजिक सिस्टम चलाने पर केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 21 के अंतर्गत चालक का ड्रायविंग लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित या निरस्त कर दिया जाएगा। इसी के साथ वाहन का परमिट भी निरस्त कर दिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
इनका कहना है
'आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश शासन के नेतृत्व में यह आदेश जारी किए गए है। नियमों का पालन नहीं होने पर वाहन का मौके पर ही परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। '
-एम.पी. सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
