गर्भवती महिला सहित 6 स्वाइन फ्लू की चपेट में

अंचल में नहीं थम रहा प्रकोप
ग्वालियर/न.सं.। शहर में जहां स्वाइन फ्लू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है वहीं स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी तक गम्भीरता नहीं दिखा रहे हैं। जिस कारण स्वाइन फ्लू के मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट न मिलने के कारण उपचार तक नहीं हो रहा है। इसी के चलते मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट में 6 मरीजों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। इसमें 9 मार्च को स्वाइन फ्लू से हुई मृत रजनी कुशवाह की गर्भवती बहन चित्रा को भी स्वाइन फ्लू निकला है।
इसके अलावा गांधी नगर निवासी मधु अग्रवाल, थाटीपुर निवासी दिनेश जाटव, बाला बाई का बाजार निवासी पवन सिंह, टापू मोहल्ला निवासी नरेश तथा मुरैना निवासी आशीष को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। इन मरीजों को मिलाकर ग्वालियर में अब तक स्वाइन फ्लू के 31 मरीज मिल चुके हैं। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि रजनी की बहन को चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की सम्भावना जताई थी और चार दिन पहले सीएमएचओ कार्यालय के माध्यम से डीआरडीई जांच के लिए नमूने भेजे थे। लेकिन रिपोर्ट मंगलवार को चार दिन बाद आई, जिसके बाद परिजनों ने चित्रा को जयारोग्य के स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया। इधर 1 फरवरी से लेकर अब तक स्वाइन फ्लू से 7 मरीजों की मौत हुई है। रजनी के पति महेंद्र कुशवाह का कहना है कि वह परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच कराएंगे।
जिलाधीश ने की आमजनों से अपील
इधर स्वाइन फ्लू को लेकर जिलाधीश अनुराग चौधरी ने आमजन से अपील की है कि स्वाईन फ्लू के प्रारंभिक लक्षण दिखने पर निकट के शासकीय अस्पताल अथवा स्वाईन फ्लू के उपचार हेतु चिन्हांकित चिकित्सालयों में संपर्क स्थापित करते हुए चिकित्सकीय परामर्श का पालन करें। उक्त बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह पूर्णत: साध्य है, तत्काल इलाज एवं सावधानी से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
