अधिकारियों ने चहेते महाविद्यालयों को बनाया केंद्र, कराई जाए जांच

कार्यपरिषद सदस्य ने कुलपति को लिखा पत्र
ग्वालियर, न.सं.
जीवाजी विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद सदस्य डीपी सिंह ने परीक्षा केन्द्र निर्धारण में धांधली के आरोप लगाते हुए कुलपति से जांच कराने की मांग की है। डीपी सिंह ने पत्र के माध्यम से बताया कि नकल कराने की छूट देने के लिए शासकीय महाविद्यालयों की जगह निजी महाविद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। जिसकी जांच कराई जाए और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में हाल ही में स्नातक की परीक्षाएं संचालित होनी हैं। जिसके लिए विवि के अधिकारियों ने पिछले दिनों परीक्षा केन्द्रों की सूची जारी कर दी, जिसमें कुछ चहेते निजी महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया। जबकि विवि एवं शासन के सख्त निर्देश हैं कि ज्यादातर शासकीयम महाविद्यालयों को ही केंद्र बनाया जाए। विवि के अधिकारियों ने संचालकों से मिलीभगत करके केंद्र बना दिया और नकल की खुली छूट दे दी। परीक्षा केन्द्र निर्धारण सूची पर कार्यपरिषद सदस्य डीपी सिंह धांधली करने के आरोप लगाएं हैं। साथ ही बताया कि परीक्षा केन्द्र निर्धारण समिति में विवि के परीक्षा और गोपनीय विभाग के अधिकारी शामिल हंै। जिन्होने कुछ चहेते महाविद्यालयों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शासन और कार्यपरिषद के आदेशों की अवहेलना की है। इस प्रकरण में दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इन कॉलेजों की जांच कराने की मांग
♦ ए.डी.एस. महाविद्यालय अम्बाह, जय हिंद बिस्मिल महाविद्यालय अम्बाह।
♦ शिवम महाविद्यालय पोरसा और आर.वी.एस. महाविद्यालय पोरसा।
♦ आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज कैलारस और एएस डिग्री महाविद्यालय कैलारस ।
♦ एम.जी.एम. महाविद्यालय मुरैना, जय माता दी महाविद्यालय मुरैना।
♦ दुर्गाप्रसाद सर्राफ महाविद्यालय आलमपुर, डॉ. अम्बेडकर महाविद्यालय सिद्धपुरा दबोह।
♦ श्री गांधी महाविद्यालय मिहोना, कमलेश महाविद्यालय रायपुरा, स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय मछण्ड।
♦ शिवशंकर महाविद्यालय सुमावली, एमजीएम महाविद्यालय।
♦ आर.बी.एस. महाविद्यालय पोरसा, एसबीडीआर्ट एंड साइंस महाविद्यालय की समिति, शिक्षकों की नियुक्तियां व अन्य दस्तावेजों की जांच।
