घर से दूध का काम करता था कोरोना संक्रमित, तीन राठौर परिवार के रिश्तेदार

ग्वालियर, न.सं। जिले में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा रविवार की देर शाम जारी की गई रिपोर्ट में 14 को कोरोना निकला है। इसमें एक झांसी का है, जबकि अन्य जिले से ही हैं। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की लैब में रविवार को 647 नमूनों की जांच की गई। जांच में 14 को कोरोना निकला है। इसमें तीन संजय नगर, तीन हस्तिनापुर तोर गांव, दो धनेली, एक क पू, एक हरिशंकर पुरम, एक ग्राम गुठीना, एक डबरा रामगढ़ सहित एक काशी नगर का वारंटी और एक झांसी का निवासी है। इतना ही नहीं रिपोर्ट में तोर गांव के तीनों संक्रमित बंशीपुरा राठौर परिवार के रिश्तेदार हैं और एक सदस्य घर से दूध का काम करता है। जिसके यहां चार से पांच लोग दूध भी लेने जाते थे।
इधर जयारोग्य अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही भी थमने का नाम नहीं ले रही है। रिपोर्ट में ऐसे तीन मरीज सामने आए हैं, जो खुद से जांच के लिए जयारोग्य पहुंचे थे। लेकिन चिकित्सकों ने सब ठीक बताते हुए घर भेज दिया और जब जांच कराई गई तो उन्हें कोरोना निकला। इसके अलावा झांसी काल्पी निवासी व्यक्ति आंतरी के डाक घर में ग्रामीण डाक सेवक पर पदस्थ है। पिछले दिनों वह जब ड्यूटी ज्वाइन करने पहुंचा तो उसे पहले जांच कराने के लिए कहा गया। डाक सेवक ने बताया कि जांच के बाद वह झांसी लौट आया था। इन मरीजों के आने से जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की सं या 228 पहुंच गई है। इसमें दो की मौत हो चुकी है।
बेटी के बाद पिता, मां व बहन भी संक्रमित
बंशीपुरा राठौर परिवार की कोरोना संक्रमित बहू अपने मायके हस्तिनापुर तोर गांव में रह रही थी। बेटी को कोरोना निकलने के बाद जब अन्य सदस्यों की जांच कराई तो 45 वर्षीय मां, 45 वर्षीय पिता व 14 वर्षीय छोटी बहन को कोरोना निकला।
सांस लेने में हो रही थी परेशानी
डबरा रामगढ़ निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग को पिछले पांच दिनों से सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसलिए उन्होंने अपनी जांच कराई तो उन्हें कोरोना निकला। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग वकील एक सप्ताह पूर्व इलाहाबाद से लौटे हैं। बुजुर्ग ने बताया कि उसका बेटा एक माह पूर्व भोपाल से लौटा है। इसके अलावा डबरा शहर थाना प्रभारी भी बुजुर्ग के बेटे के मित्र हैं। इसलिए वह भी अस्पताल में उनके स पर्क में आए हैं। इसलिए उन्होंने खुद को क्वारेन्टाइन कर लिया है। वहीं ग्राम गुटीना निवासी 30 वर्षीय महिला 30 मई को अहमदाबाद से लौटी है। महिला के साथ कुल 11 सदस्य बस से आए हैं। इसमें महिला को कोरोना निकला है।
मामा के उपचार के लिए गए थे दिल्ली
हरिशंकर पुरम निवासी 34 वर्षीय दवा कारोबारी अपने मामा का उपचार कराने के लिए 25 मई को दिल्ली स्थित जीबी पंत अस्पताल गए थे। वहां डॉ. यूसुफ जमाल ने पेस मेकर लगवाया और पिछले दिनों 2 जून की रात को घर लौटे। यहां आने पर वह रात में ही जयारोग्य चिकित्सालय पहुंचे तो चिकित्सकों ने उन्हें बिना जांच करे ही लौटा दिया। इसके बाद जब व्यक्ति को बुखार आने लगा तो वह दोबारा अस्पताल पहुंचा और जांच कराई। व्यक्ति के साथ उसके मामा के अलावा उसकी बहन व भाई भी गया था। इसलिए अब सभी की जांच कराई जाएगी।
बिना जांच किए भेजा घर अब निकला कोरोना
मुरार बड़ेगांव के समीप स्थित ग्राम धनेली निवासी 38 वर्षीय महिला 3 जुलाई को ट्रेन से अपने तीन बच्चों के साथ घर लौटी है। जांच में महिला व उसके 12 वर्ष के बेटे को कोरोना निकला है। महिला ने बताया कि स्टेशन पर उतरने के बाद वह सीधा जयारोग्य पहुंची और जांच के लिए कहा। लेकिन चिकित्सक ने बिना जांच के ही लौटा दिया। इसी तरह संजय नगर निवासी 30 वर्षीय व्यक्ति अपनी मां व 30 वर्षीय बहन के साथ 5 जून को दिल्ली से लौटे हैं। इन्हें भी संक्रमण निकला है।
मां के बाद बेटा संक्रमित
क पू द्वितीय बटालियन निवासी महिला तीन दिन पूर्व अपने 24 वर्षीय बेटे के साथ आगरा से लौटी थी। बेटा आरक्षक है और मुरैना लाइन में पदस्थ है। इसलिए बेटा भी संक्रमित मां के स पर्क में आने से संक्रमित हो गया है।
छह पुलिसकर्मी किए क्वारेंटाइन
वारंटी के स पर्क में आए मुरार थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक और पांच आरक्षक को पुलिस लाइन में क्वारेंटाइन किया गया है। बता दें कि अभी हाल ही चीनौर थाने के पूरे स्टाफ को क्वोंरटाइन किया जा चुका है।
