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एक जुलाई से शुरू होगा "किल कोरोना अभियान"

एक जुलाई से शुरू होगा किल कोरोना अभियान
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ग्वालियर। शहर में एक जुलाई से शुरू हो रहे "किल कोरोना अभियान" की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को इंसीडेंट कमांडरों को बैठक में निर्देश दिए। इस बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र सिंह ने कहा की कि एक जुलाई से 15 जुलाई 2020 तक सम्पूर्ण प्रदेश में "किल कोरोना अभियान" संचालित होगा। इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित करना है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सर्वे दल घर-घर जाकर लोगों से सर्दी, खाँसी, जुकाम, बुखार, डेंगू, मलेरिया, डायरिया आदि के संबंध में लोगों से आवश्यक जानकारी लेगा एवं सार्थक ऐप पर प्रविष्टि करेगा। इस कार्य में स्थानीय निगरानी समितियों का भी सहयोग लिया जायेगा।

उन्होंने बताया की सर्वे दल में महिला एवं पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगीं। एक सर्वे दल 100 घरों का सर्वे करेगा। सर्वे दलों के सदस्यों को 29 व 30 जून तक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। जिससे एक जुलाई से सर्वे का कार्य शुरू हो सकें। सर्वे दल घरों पर पहुँचकर घरों में रहने वाले वृद्ध, बच्चे सहित प्रत्येक सदस्य के संबंध में जानकारी लेंगे। सर्वे दल का सहयोग न करने एवं पूर्ण जानकारी न बताने वालों के विरूद्ध कार्रवाई भी की जायेगी।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले की सीमा पर बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जायेगी। लक्षण पाए जाने पर फीवर क्लीनिक में सेम्पलिंग भी कराई जायेगी। इसके लिये बॉर्डर पर लाने हेतु स्मार्ट सिटी की बसों की व्यवस्था भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति अपने घर जाने से पहले चिन्हित किए गए होटलों में स्वयं के व्यय पर (गरीब श्रमिकों को छोड़कर) संस्थागत क्वारंटाइन कराया जायेगा। श्री सिंह ने सभी इंसीडेंट कमांडरों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में स्थित निजी चिकित्सालय, नर्सिंग होमों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के इलाज हेतु आने वाले मरीजों एवं मेडीकल स्टोर से सर्दी, जुकाम, खांसी से संबंधित दवा खरीदने वाले मरीजों की जानकारी प्रतिदिन लेनी होगी।

फीवर क्लीनिकों की लोगों को जानकारी हो

कलेक्टरसिंह ने कहा कि कोविड-19 के उपचार में फीवर क्लीनिकों की अहम भूमिका है। इन फीवर क्लीनिकों को और प्रभावी बनाए जाने हेतु प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों से लोगों को फीवर क्लीनिकों की जानकारी दें। फीवर क्लीनिक में दोपहर एक बजे से 2 बजे के बीच सेम्पल भी लिए जाएं। इस कार्य में वार्ड निगरानी समितियों का भी सहयोग लें। आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए फीवर क्लीनिकों की संख्या बढ़ाई जाने पर भी चर्चा की गई।

कलेक्टर ने पूल सेम्पलिंग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि घनी आबादी वाले क्षेत्र तथा ऐसे क्षेत्र जहां पूर्व में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए थे। उन क्षेत्रों में पूल सेम्पलिंग करें। साथ ही चाट-पकौडें के ठेले, सब्जी एवं फल बेचने वालों की पूल सेम्पलिंग की जाए। कलेक्टर ने बैठक में टेली मेडीसिन के माध्यम से चिकित्सा परामर्श हेतु लोगों द्वारा किए जा रहे कॉल्स की भी समीक्षा की।

Updated : 2020-07-02T06:50:07+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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