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अकेले कमलनाथ कैसे करेंगे भाजपा की तिकड़ी से मुकाबला

18 को ग्वालियर आएंगे कमलनाथ, नहीं हैं दिग्गी, अरुण, पचौरी, भूरिया साथ

अकेले कमलनाथ कैसे करेंगे भाजपा की तिकड़ी से मुकाबला

ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। तीन साल पूर्व मुंगावली और कोलारस में हुए उप-चुनाव और उसके बाद वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस ने एका दिखाने के लिए कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय सिंह, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया एक साथ दौरे कर रहे थे, जिससे इन दोनों ही चुनावों में उन्हें सफलता मिली। किंतु अब 28 विधानसभा क्षेत्रों में होने जा रहे उप-चुनाव में कांगे्रस नेताओं में इस तरह का एका दिखाई नहीं दे रहा। जबकि कांग्रेस की इज्जत पूरी तरह दांव पर लगी हुई हैं। वहीं राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से दूर होकर भाजपा में हैं और इस समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ ताबड़तोड़ दौरे कर कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह के खिलाफ जमकर दहाड़ रहे हैं। अब ग्वालियर-चंबल अंचल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने 18 एवं 19 सितम्बर को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ग्वालियर आ रहे हैं किंतु उनके समतुल्य पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, अजय सिंह राहुल भैया, अरुण यादव, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया इस दौरे में दिखाई नहीं देंगे। जिस पर स्थानीय कांग्रेस नेता मानते हैं कि कांग्रेस के उक्त नेताओं को भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की तरह एक साथ चलना चाहिए। ताकि गुटबाजी न दिखे और सिंधिया को उसी के गढ़ में घेरा जा सके।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा उप-चुनाव में ग्वालियर-चंबल संभाग में 16 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। जिससे भाजपा ने इस क्षेत्र में कई बड़े आयोजन और विधानसभावार दौरे कर कार्यकर्ताओं एवं आमजन को अपनी ओर आकर्षित किया है। भाजपा की उक्त तिकड़ी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के साथ ही मंत्री-विधायकों ने अंचल में डेरा डाल रखा है। इसके विपरीत पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित अन्य नेताओं के इस तरह के दौरे देखने को नहीं मिले हैं। जबकि सिंधिया के जाने के बाद कांग्रेस के इन नेताओं के एकजुट दिखाई देना चाहिए। उसके विपरीत कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह के बीच खाई सी दिखाई दे रही है। कांग्रेस द्वारा घोषित किए गए 15 उम्मीदवारों में भी कमलनाथ गुट हावी रहा है। जिससे दिग्गी खेमा अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहा है। कमलनाथ के खेवनहार पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, एनपी प्रजापति, तरुण भनोट बने हुए हैं। इनकी अनुशंसा पर ही प्रदेश संगठन में भारी पैमाने पर नियुक्तियां और टिकट वितरित किए गए हैं। यहां बताना मुनासिब होगा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में इस बार कांग्रेस को दोहरी ताकत दिखानी पड़ेगी क्योंकि उनकी असली सिंधिया के भाजपा में आ जाने से भाजपा बेहद मजबूत हो गई है। फिर भी कांग्रेस की गुटबाजी चरम पर है। पूर्व मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने के बाद यह मुद्दा भी गुटबाजी का कारण बना। यही कारण रहा कि डॉ. सिंह द्वारा पांच से 11 सितम्बर तक लहार क्षेत्र में निकाली गई पदयात्रा में कमलनाथ का कहीं अता-पता नहीं था। जबकि दिग्गी सहित अन्य नेता इस यात्रा में आए।

तैयारियों में जुटी कांग्रेस

कमलनाथ ग्वालियर कार्यक्रम को कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत एवं महेन्द्र सिंह चौहान के साथ जिला कार्यकारी अध्यक्ष अंतिम रूप दे रहे हैं। कार्यकारी अध्यक्ष महाराज सिंह पटेल के मुताबिक उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है कि प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ अन्य वरिष्ठ नेता भी ग्वालियर आएं ताकि यह संदेश जाए कि जिस तरह से भाजपा के कई वरिष्ठ नेता एक साथ इन दोनों अंचलों में दौरे कर रहे हैं, उनसे मुकाबला तभी हो पाएगा।

अभी कमलनाथ बाद में सभी नेता आएंगे

कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी, ग्वालियर-चंबल संभाग के के मिश्रा ने कहा कि यह प्रवास सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का है। अन्य नेता दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, अजय सिंह आदि पहले इस क्षेत्र में आ चुके हैं। वहीं सुरेश पचौरी संक्रमण के कारण अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उप-चुनाव के दौरान यह सभी नेता ग्वालियर-चंबल अंचल का दौरा करेंगे।

यह है कार्यक्रम

तय कार्यक्रम के मुताबिक कमलनाथ 18 सितम्बर को दोपहर 12 बजे राजमाता विमानतल पर आएंगे। यहां पर उनका रोड शो शुरू होगा जो गोला का मंदिर तक ग्वालियर पूर्व के तहत रहेगा। इसके बाद उनका काफिला हजीरा की ओर मुड़ जाएगा फिर वह ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में रोड शो करते हुए तानसेन रोड लोको होते हुए महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि स्थल आएंगे। यहां उन्हें पुष्पांजलि के बाद आभार व्यक्त किया जाएगा। तत्पश्चात् वे सिटी सेंटर के एक होटल में प्रतिनिधि मंडलों से भेंट करेंगे। अगले दिन 19 सितम्बर को सुबह 11 बजे मेला के कन्वेंशन सेंटर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को संबोधित करेंगे। दोपहर 2 बजे भोपाल रवाना होंगे।

भाजयुमो करेगी विरोध

कमलनाथ के दौरे के दौरान भाजयुमो ने विरोध करने की तैयारी कर ली है। मोर्चा के जिलाध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि 15 महीने तक कमलनाथ की सरकार ने प्रदेश के साथ धोखा किया है। भाजपा की योजनाएं बंद की हैं। इसे लेकर रैली के रूप में जन-जन तक जा रहे हैं और कांग्रेस की वादाखिलाफी को बता रहे हैं। कमलनाथ के दौरे के दौरान भी विरोध किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है।

Updated : 16 Sep 2020 1:00 AM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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