अगर स्टाफ मिले तो 24 घंटे शुरू हो सकेगी जांच सुविधा

ग्वालियर, न.सं.। जिले में कोरोना को हराने के लिए जहां चिकित्सक दिन-रात काम कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अन्नदेखी के कारण चिकित्सक अब परेशान हो रहे हैं। इसी के चलते स्टाफ की कमी के कारण चिकित्सकों को 15 घंटों तक काम करना पड़ रहा है। जबकि अगर पर्याप्त स्टाफ मिले तो जिला अस्पताल में 24 घंटे कोरोना की जांच सुविधा शुरू हो सकेगी। जिले में कोरोना संक्रमण का दायरा पता लगाने के लिए जिला अस्पताल में भी केरोना की जांच के लिए ट्रू नेट मशीन लगवाई गई है। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सके। जिला अस्पताल में 16 जून से शुरू हुई जांच मशीन पर अभी तक कुल 220 जांचे की जा चुकी है।
जिसमें से 10 संक्रमित की सामने आए हैं। लेकिन मशीन पर काम करने के लिए अस्पताल प्रबंधन स्टॉफ तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। वर्तमान में ट्रू नेट मशीन पर एक चिकित्सक सहित तीन लैब टेक्नीशियन काम कर रहे हैं, जो 12 से 15 घंटे तक जांचे कर रहे हैं। जबकि मशीन के लिए चार टेक्नीशियन व एक डाटा एंट्री ऑपरेशन और मिल जाए तो जिला अस्पताल में 24 घंटे कोरोना की जांच सुविधा शुरू हो जाएगी। इतना ही नहीं जांच लैब में स्टाफ बढ़ाने के लिए चिकित्सकों द्वारा सीएमएचओ से लेकर सिविल सर्जन तक को पत्र लिखे जा चुके हैं। उसके बाद भी स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर स्टाफ मिल जाए तो ज्याद से ज्यादा जांच की जा सकेंगी।
डेढ़ घंटे में होती हैं दो जांचे, जल्द आएंगी दो और मशीनें
इधर चिकित्सकों द्वारा दो ट्रू नेट मशीन की और डिमांड भेजी जा चुकी है। इसी के चलते संभवत: इस सप्ताह जिला अस्पताल को और दो मशीनें मिल जाएंगी। जिससे अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 से 150 नमूने की जांचे की जा सकेंगी। क्योंकि दो नमूनों की जांच में करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है।
कन्फर्ममेंटिव किट हुई खत्म
इधर जिला अस्पताल में कोरोना की कन्फर्ममेटिव जांच किट भी खत्म हो गई है। अस्पताल को करीब 15 से 20 किटे ही मिलीं थीं। जिसमें से सिर्फ 4 से 5 किटे ही बची हैं। चिकित्सकों का कहना है कि डिमांड भेज दी गई है। दो से तीन दिन में किटें आ जाएंगी।
