कंपनी को काम दिखाया तो ग्वालियर को स्टॉर रेटिंग तीन का दर्जा मिला

ग्वालियर,न.सं.। ग्वालियर को ओडीएफ प्लस-प्लस एवं कचरा मुक्त शहर स्टार रेटिंग में 3 स्टार रेटिंग दर्जा मिला गया है। यह दर्जा तब मिला है जब निगम के अधिकारियों ने वर्ष 2020 की रैकिंंग सुधार के लिए लगभग 10 करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च कर स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइड-लाइन के अनुसार शहर के दावे को पूरा करने के लिए 89 कमर्शियल स्थलों पर रात में झाड़ू लगाने के साथ-साथ दो मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें भी किराए पर लेकर रात में सड़कों की सफाई कराई। साथ ही नालों के मुहानों पर जालियां लगाईं और स्टॉर रेटिंग लिए प्राथमिक शर्त 100 फीसदी डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित और 85 फीसदी कचरे का सेग्रीगेशन के चलते डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित कर सर्वे करने वाली कंपनी को अपना काम दिखाया। जिसके बाद देश भर से मिली आपत्तियों में देश के 7 नगर निगमों की रैकिंग सुधार की जारी लिस्ट में ग्वालियर का नाम शामिल होकर आ गया।
नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि भारत सरकार के शहरी आवास मंत्रालय द्वारा स्वच्छता की पूर्व में घोषित स्टार रेटिंग में नगर निगम को एक स्टार शहर घोषित किया गया था, जिसमें नगर निगम द्वारा किए जा रहे सीएनडी बेस्ड निष्पादन मॉडल का आंकलन नहीं हो पाया था, जिसके चलते नगर निगम को एक स्टार मिल पाया था। निगम द्वारा सांसद विवेक नारायण शेजवलकर के माध्यम से इस तथ्य को भारत सरकार के शहरी आवास मंत्रालय में पत्र प्रेषित कर पुन: परीक्षण कराने का अनुरोध दस्तावेजों के साथ किया गया। जिसके चलते अब ग्वालियर को 3 स्टार रेटिंग प्राप्त हो गई है। नगर निगम को ओडीएफ प्लस प्लस एवं गारबेज फ्री सिटी स्टार रेटिंग के 1500 अंकों में से 1100 अंक प्राप्त हो चुके हैं।
