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ग्वालियर से भिण्ड के बीच होगा विद्युतीकरण, बोर्ड को भेजा बुंदेलखंड का प्रस्ताव

मंडल रेल प्रबंधक ने पत्रकारों से ऑनलाइन चर्चा की

ग्वालियर से भिण्ड के बीच होगा विद्युतीकरण, बोर्ड को भेजा बुंदेलखंड का प्रस्ताव
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ग्वालियर,न.सं.। भिंड-इटावा के बीच ओएचई लाइन डाली जा रही है। ग्वालियर से भिंड के बीच भी जल्द विद्युतीकरण का कार्य शुरू होगा। यह बात शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर ने ऑनलाइन पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।

चर्चा के दौरान श्री माथुर ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों में मंडल से 8 से 9 हजार यात्री यात्रा कर रहे हंै। अन्य ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे बोर्ड निर्णय लेगा। भिंड रेल मार्ग व वाराणसी रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिए है। अब बोर्ड स्तर पर ही निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने ने बताया कि रेल यात्रियों एवं कर्मियों को कोरोना वायरस से बचाने, सामाजिक दूरी और फेस मास्क की अनिवार्यता की निगरानी के लिए स्टेशन पर इमेज प्रोसेसिंग तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। यदि कोई यात्री या रेलकर्मी फेस मास्क नहीं पहनता या सामाजि दूरी का उल्लंघन करता है तो वहां लगे सेन्सर उसे स्कैन कर बजने लगेंगे। उन्होंने बताया कि झांसी-बबीना के मध्य तीसरी लाइन का संचालन सीआरएस की संतुष्टि के पश्चात चालू कर दिया जाएगा।

34 सब स्टेशन बनाए जाना है

ग्वालियर से इटावा, मैनपुरी के बीच 34 सब स्टेशन बनाए जाना है। 16 सब स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। ग्वालियर से इटावा के बीच 118 किमी तक ओएचई लाइन डालने का काम करीब दो से तीन साल में पूरा होगा। यह काम 200 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। अभी इस ट्रैक पर अधिकतम 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जा रही है, जबकि ट्रैक की क्षमता 120 किमी प्रति घंटे की है।

ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार

विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद रेलगाडिय़ों की रफ्तार बढ़ेगी साथ ही गाडिय़ों की संख्या में भी इजाफा होगा। ग्वालियर से भिंड के बीच पांच ट्रेनें चल रही हैं। दो गाडिय़ां हीं इटावा तक का सफर तय करती हैं। ग्वालियर से इटावा तक 118 किमी का सफर तय करने में करीब 4 घंटे से अधिक का समय लग जाता है।

इटावा के लिए घूम कर जाना पड़ता है

अभी ट्रेन लंबी दूरी तय कर इटावा तक पहुंच रही हैं। ओखा एक्सप्रेस ग्वालियर से आगरा फिर इटावा पहुंचती है। इस ट्रेन की भिंड से होकर इटावा जाने की मांग की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस ग्वालियर से बलरामपुर के बीच हर बुधवार को चलाई जाती है, जो हजरत निजामुद्दीन, गाजियाबाद होकर लखनऊ पहुंचती है। जिसमें यात्री को लखनऊ पहुंचने के लिए 13 घंटे का समय व किराया भी अधिक चुकाना पड़ता है। यदि यह ट्रेन सीधे भिंड-इटावा होते हुए लखनऊ के लिए चलाई जाएंगी तो यात्रियों के समय व किराए दोनों की बचत होगी।

Updated : 2020-07-04T06:30:36+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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