लंबी खींचतान के बाद ग्वालियर कांग्रेस को मिले चार कार्यकारी अध्यक्ष, विवाद जारी

ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। ग्रामीण कांग्रेस की तर्ज पर शहर जिला कांग्रेस में भी चार कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनके नाम वरिष्ठ नेता अमर सिंह माहौर, महाराज सिंह पटेल, मोहन माहेश्वरी एवं इब्राहिम खान पठान हैं। समझा जाता है कि शहर कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल और उपचुनाव में समन्वय के लिए यह नियुक्तियां की गई है। फिर भी इन नियुक्तियों में ग्वालियर पूर्व से किसी नेता को नहीं लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व ग्रामीण कांग्रेस में अशोक सिंह की नियुक्ति के बाद चार कार्यकारी अध्यक्ष रंगनाथ तिवारी, सुल्तान रावत, पुष्पेंद्र जाटव और कल्याण कंसाना को बनाया गया था। किंतु शहर जिला कांग्रेस में काफी गुटबाजी और उथल-पुथल मची हुई थी। जिसकी शिकायतें बार-बार हाईकमान तक पहुंच रही थीं। सोमवार को भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा ली गई बैठक में भी इस तरह की बातें उठी थीं। तत्पश्चात कमलनाथ ने चार नए कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के निर्देश दिए। जिसपर संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने उक्त नामों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए। कार्यकारी अध्यक्षों में अमर सिंह माहौर पूर्व में ग्वालियर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहे हैं। शुरुआती दिनों में वह सिंधिया खेमे में थे, बाद में वह दिग्गी खेमे में आ गए। किंतु यहां आने के बाद वह लगातार हाशिए पर चल रहे थे।
महाराज सिंह पटेल भी वरिष्ठ कांग्रेसी हैं, वह बड़े सिंधिया के नजदीकी खोकर जीडीए के उपाध्यक्ष बने थे। किंतु इसके बाद उन्हें कभी कोई मौका नहीं मिला। मोहन माहेश्वरी पहले जिला कार्यकारिणी में महामंत्री रहे हैं। वह सिंधिया समर्थक थे, किंतु अब कांग्रेस में ही हैं। वैश्यों में तालमेल बैठाने की दृष्टि से उन्हें यह पद दिया गया है। उधर कंपू के ब्लॉक अध्यक्ष इब्राहिम पठान ग्वालियर दक्षिण के विधायक प्रवीण पाठक के बेहद नजदीकी हैं, इसीलिए श्री पाठक ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कराकर उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनवाने में अहम भूमिका निभाई। इसके पहले कमलनाथ सरकार में उनके पिता इस्माइल खां पठान को उच्च न्यायालय में शासकीय अभिभाषक बनाया गया था।
चार में से तीन दक्षिण के
यहां मजेदार बात यह है कि आने वाले दिनों में ग्वालियर एवं ग्वालियर पूर्व में उपचुनाव होना है। ऐसे में दक्षिण में निवासरत तीन नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, इसमें ग्वालियर के एक नेता को भी लिया गया है। किंतु ग्वालियर पूर्व से किसी नेता को पद नहीं मिला है। जिससे इस क्षेत्र के नेताओं अख्तर हुसैन कुरेशी, लतीफ खां मल्लू, चतुर्भुज धनौलिया, यदुनाथ सिंह तोमर, सुनील श्रीवास, विनोदी जैन, रमेश पाल आदि में रोष बताया गया है।
