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कोरोना : 06 और 07 जुलाई को भी ग्वालियर रहेगा टोटल लॉकडाउन... आदेश जारी

  • कलेक्टर बोले - संस्थागत क्वारंटाइन सुविधा फिर से शुरू करें
  • किल कोरोना अभियान - इंसीडेंट कमांडरों को प्रशिक्षण बैठक में दिए विस्तृत निर्देश

कोरोना : 06 और 07 जुलाई को भी ग्वालियर रहेगा टोटल लॉकडाउन... आदेश जारी
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जिले का कोई भी व्यक्ति, घर व क्षेत्र सर्वेक्षण से नहीं छूटे – कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह

ग्वालियर/वेब डेस्क। ग्वालियर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच जिला प्रशासन ने 06 और 07 जुलाई को भी ग्वालियर में टोटल लॉकडाउन रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। इंसीडेंट कमांडर, पुलिस बल, सम्बंधित अधिकारी लॉकडाउन के नियमों का पालन कराएँगे. दो दिन के इस लॉकडाउन में पूर्वानुसार आवश्यक वस्तुओं की वयवस्था सुचारु रूप से जारी रहेगी.

संस्थागत क्वारंटाइन सुविधा फिर से शुरू होंगे

पिछले कुछ दिनों में बढ़े कोरोना संक्रमित मरीजों को लेकर जिला प्रशासन विशेष गंभीर है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने आज हुई बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थागत क्वारंटाइन सुविधा फिर से शुरू की जाए। इसके लिये शासकीय क्वारंटाइन सेंटर शुरू करने के साथ-साथ ऑन पेमेंट क्वारंटाइन के लिये होटल इत्यादि भी चिन्हित करें।

- टोपी बाजार


इंदौर व भोपाल से आने वाले लोग होंगे संस्थागत क्वारंटाइन

जिले की सीमा पर स्थित हर नाके से गुजरने वाले सवारी वाहनों की बारीकी से जांच की जाए। जो लोग अन्य राज्यों एवं भोपाल व इंदौर शहर से जिले में आएं उन्हें अनिवार्यत: संस्थागत अथवा होम क्वारंटाइन कराएं।

बिना मास्क पहने मिले तो जुर्माने के साथ-साथ देनी होगी कोरोना ड्यूटी

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि बिना मास्क के घूमने वाले लोगों से जुर्माना तो वसूलें हीं, साथ ही उनसे कोरोना नियंत्रण की ड्यूटी का काम भी लिया जाए। उन्होंने जिले की सीमाओं पर बने चैक पोस्ट एवं कोरोना नियंत्रण से संबंधित अन्य कामों में ऐसे लोगों से तीन दिन की ड्यूटी लेने को कहा। श्री सिंह ने अपर जिला दण्डाधिकारी को धारा-144 के तहत इस आशय का आदेश जारी करने के निर्देश दिए।

किल कोरोना अभियान

कोरोना वायरस पर पूर्ण नियंत्रण की रणनीति के साथ "किल कोरोना अभियान" के तहत घर-घर सर्वे कराने के लिए दिशा निर्देश जारी किये गये। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह बोले- सर्वे से जिले का कोई भी व्यक्ति, घर एवं क्षेत्र छूटना नहीं चाहिए। जो टीम सर्वेक्षण में ढिलाई बरतेगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस आशय के निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने "किल कोरोना अभियान" को और प्रभावी बनाने के मकसद से आयोजित हुए इंसीडेंट कमांडर के प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक में दिए। गत एक जुलाई से शुरू हुआ यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान होने वाले सर्वेक्षण की जानकारी सार्थक ऐप के जरिए संकलित की जायेगी। जिला प्रशासन की निगरानी में एएनएम, आगनबाड़ी कार्यकर्ता इत्यादि कर्मचारी सर्वे का काम करेंगे।


रविवार को यहां कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ग्वालियर शहर की आबादी के हिसाब से लगभग 16 हजार लोगों की कोरोना जाँच 15 जुलाई तक कराने का प्रयास करें। उन्होंने कहा डेंगू, मलेरिया, सर्दी, जुकाम, बुखार व खाँसी से ग्रसित लोगों को सूचीबद्ध कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श इस अभियान के तहत दिलाया जाना है। साथ ही सूचीबद्ध लोगों को फीवर क्लीनिक में लेजाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण और संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच भी कराई जानी है। इंसीडेंट कमांडर इस अभियान का नेतृत्व कर यह सुनिश्चित करें कि सूचीबद्ध प्रत्येक व्यक्ति की जाँच हो जाए। जरूरत के मुताबिक संस्थागत एवं होम क्वारंटाइन का काम भी तत्परता से कराएं। जिन लोगों को होम क्वारंटाइन किया जाए उनके घर पर होम क्वारंटाइन का पर्चा जरूर लगाएं। इस काम में वार्ड समितियों का भी सहयोग लें।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोरोना के खात्मे के लिये प्रदेश सरकार का यह अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। इसलिये जो भी अधिकारी-कर्मचारी सर्वे के काम में ढ़िलाई बरतेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई भी की जायेगी। श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि कोरोना ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सुबह ही काम पर निकलने वाले दुकानदार, हाथ ठेला कारोबारी, सेवा प्रदाता (सर्विस प्रोवाइडर), शासकीय कर्मचारी इत्यादि का सर्वे अलग से कराएं, जिससे कोई भी छूटे नहीं।

बीएलओ करेंगे सर्वे की मॉनीटरिंग

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में "किल कोरोना अभियान" का सर्वेक्षण करने वाली टीम के काम की निगरानी उस क्षेत्र के बीएलओ को सौंपी गई है। साथ ही संबंधित इंसीडेंट कमांडर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस पर नजर रखेंगे। कलेक्टर ने इंसीडेंट कमांडर के सहयोग के लिये नगर निगम के जोनल अधिकारियों को सहायक इंसीडेंट कमांडर बनाने के आदेश जारी करने के निर्देश भी बैठक में दिए।


Updated : 2020-07-05T19:20:41+05:30
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