पत्नी 12 साल ले रही विधवा पेंशन, 'मृत' पति 7 साल से दे रहा 5000 गुजरा भत्ता, अब जिंदा करने की गुहार

सिंगरौलीः मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इसने सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर दिया है। जिले में एक व्यक्ति जिंदा होते हुए भी सरकारी रिकॉर्ड में 'मृत' घोषित है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पत्नी पिछले 12 सालों से विधवा पेंशन ले रही है, जबकि पति अदालत के आदेश पर हर महीने उसे 5 हजार रुपये गुजारा भत्ता भी दे रहा है। अब व्यक्ति आवेदन लेकर सरकारी अधिकारियों के कार्यालय जाकर खुद को जिंदा साबित करने की गुहार लगा रहा है।
दरअसल, यह मामला बैढ़न जनपद पंचायत क्षेत्र के करसोसा गांव का है। गांव निवासी चंद्रवली पटेल जो कागजों में मृत और हकीकत में जिंदा है। वह इन दिनों अपने गले में तख्ती लटकाए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। जिस पर साफ लिखा है- 'साहब, मैं जिंदा हूं।' चंद्रवली का कहना है कि कागजों में उसे मृत दिखाकर उसकी पहली पत्नी सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही है, लेकिन हकीकत में वह पूरी तरह जीवित है।
पति को मृत बताकर लिया विधवा पेंशन
पीड़ित की शादी करीब 30 साल पहले अंजोरिया पटेल से हुई थी। पारिवारिक विवाद के बाद उसने दूसरी शादी कर ली। वर्ष 2014 में पहली पत्नी ने उस पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया, जिसके चलते चंद्रवली को जेल जाना पड़ा। आरोप है कि इसी दौरान पंचायत स्तर पर मिलीभगत कर पत्नी ने खुद को विधवा घोषित करवा लिया और पेंशन स्वीकृत करा ली।
कोर्ट ने सुनाया गुजारा भत्ता का आदेश
साल 2018 में अदालत ने चंद्रवली को आदेश दिया कि वह पहली पत्नी को हर महीने 5 हजार रुपये गुजारा भत्ता दे। तब से वह बैंक के माध्यम से नियमित रूप से भुगतान कर रहा है। एक तरफ पति जीवित होकर गुजारा भत्ता दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी खजाने से पत्नी के खाते में विधवा पेंशन पहुंच रही है।
चंद्रवली का कहना है कि उसने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब मजबूरी में उसे खुद को जिंदा साबित करने के लिए तख्ती लेकर अधिकारियों के सामने जाना पड़ रहा है।
दोषी अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत के सीईओ जगदीश कुमार गोमे ने जनपद पंचायत बैढ़न से पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और गलत तरीके से ली गई पेंशन राशि की वसूली भी कराई जाएगी।
