भोपाल लोकसभा में बाहरी प्रत्याशी मंजूर नहीं

होली के बहाने गौर के बंगले पर जुटे भोपाल के भाजपा नेता, बोले...
भोपाल लोकसभा सीट से इस बार भाजपा के प्रदेश महामंत्री बी.डी.शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चाओं के बीच भाजपा के आधा दर्जन स्थानीय नेताओं ने विरोध के स्वर तेज कर दिए। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के बंगले पर एकत्रित हुए इन नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भोपाल सीट से बाहरी प्रत्याशी को कतई स्वीकार नहीं करेंगे। इससे पूर्व यह नेता पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले पर उनसे मिलने भी पहुंचे थे।
भोपाल/विशेष संवाददाता। मंगलवार 19 मार्च को हुई भाजपा प्रदेश चुनाव संचालन समिति की बैठक के बाद मीडिया के माध्यम से भोपाल के स्थानीय नेताओं के पास खबर पहुंची कि प्रदेश समिति ने भोपाल लोकसभा सीट से प्रदेश महामंत्री बी.डी.शर्मा का नाम सबसे ऊपर भेजा है। कल तक जो स्थानीय नेता अन्य स्थानीय नेता को टिकट दिए जाने का विरोध कर रहे थे, अचानक एकजुट हो गए।
भोपाल सीट से लोकसभा की तैयारियों में जुटे पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, वर्तमान सांसद आलोक संजर, महापौर आलोक शर्मा और पूर्व विधायक जीतेन्द्र डागा बुधवार की सुबह करीब 11 बजे अचानक पूर्व विधायक बाबूलाल गौर के बंगले पर पहुंचे। यहां पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और महापौर कृष्णा गौर के साथ मिल इन नेताओं ने बैठक की। बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा कि टिकट मिलने तक हम सभी का एक सूत्रीय कार्यक्रम होगा कि हर स्तर पर बाहरी प्रत्याशी को भोपाल से टिकट नहीं लेने देंगे। संगठन के निर्णय पर बैठक में खुलकर बगावत के स्वर ऊंचे हुए तथा बाहरी प्रत्याशी को जीतने नहीं देने की बात भी कही गई। हालांकि बाद में मीडिया से चर्चा में किसी ने भी यह तो नहीं कहा कि बाहरी प्रत्याशी उतारा गया तो जीतने नहीं दिया जाएगा। लेकिन इतना जरूर कहा कि बाहरी व्यक्ति को न तो हम स्वीकार करेंगे और न ही भोपाल की जनता। बैठक में जहां बाबूलाल गौर को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा हुई, लेकिन उमाशंकर गुप्ता की काट करते हुए बाबूलाल गौर ने टिकट पर पुन: वर्तमान सांसद आलोक संजर का पहला हक बता दिया।
आलोक संजर के नाम का प्रस्ताव आते ही उन्होंने तुरंत सभी का आभार व्यक्त कर दिया। मीडिया से चर्चा में सभी नेताओं ने कहा कि भोपाल से संगठन किसी को भी टिकट दे दे। लेकिन भोपाल के बाहर का व्यक्ति यहां नहीं चलेगा, क्योंकि भोपाल की जनता की समस्याओं को उनकी बात को स्थानीय व्यक्ति ही अच्छे से सुन और समझ सकेगा। बाहरी व्यक्ति चुनाव जीतकर वापस नहीं आते।
ढीले पड़े गौर, संजर के नाम पर मोहर
भोपाल लोकसभा सीट से हर हाल में चुनाव लडऩे की बात कह रहे बाबूलाल गौर के तेवर बुधवार को ठंडे दिखाई दिए। बैठक में उन्होंने स्वयं आलोक संजर की पुन: दावेदारी को हरी झंडी दिखाई। उनके प्रस्ताव पर अन्य पांच नेताओं ने भी आलोक संजर के नाम पर अपनी सहमति दी।
शिवराज के सामने भी रखी बात
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के बंगले पर पहुंचने से पहले स्थानीय दावेदार पहले भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले पर उनसे मिलने भी पहुंचे। इन दावेदारों ने श्री चौहान के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि भोपाल में बाहरी प्रत्याशी नहीं उतारा जाए। भोपाल के किसी भी कार्यकर्ता को टिकट देंगे तो उन्हें मंजूर है।
प्रायोजित बैठक, उद्देश्य संगठन को संदेश देना
लोकसभा टिकट के दावेदार आधा दर्जन भाजपा नेताओं द्वारा होली के बहाने जिस तरह बागवती तेवर दिखाए हैं। यह बगावत से कहीं अधिक प्रायोजित ढंग से संगठन तक अपना कड़ा संदेश पहुंचाना है। बैठक के ठीक पहले महापौर आलोक शर्मा ने प्रयोजित तरीके से इलेक्ट्रोनिक मीडिया के कुछ लोगों को फोन पर सूचना देकर बुलवाया। बैठक खत्म होते ही सभी नेता मीडिया के कैमरों पर चिपककर खुलकर बोलते दिखाई दिए कि बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया जाना वह स्वीकार नहीं करेंगे। टिकट भलें उनमें से किसी नेता को दें अथवा बाहरी को, लेकिन टिकट बाहरी को नहीं दिया जाना चाहिए। बाहरी प्रत्याशी का चुनाव में विरोध करेंगे, इस पर किसी ने भी खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी। इन नेताओं का कहना था कि जिस प्रकार भोपाल के स्थानीय नेता को बाहर की जनता स्वीकार नहीं करेगी, उसी प्रकार बाहरी प्रत्याशी को स्थानीय जनता भी स्वीकार नहीं करेगी। इन नेताओं का कहना था कि जो कार्यकर्ता 30-40 सालों से भोपाल में भाजपा का झंडा लिए खड़ा है। बैनर लगवा रहा है। उसे पहले टिकट दिया जाना चाहिए। क्योंकि पहला हक उसका बनता है। बैठक के बाद उमाशंकर गुप्ता तो तुरंत ही निकल गए। जबकि अन्य सभी नेता विरोधी स्वरों में मीडिया को प्रतिक्रिया देते दिखाई दिए।
