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आज शाम 3 बजे के बाद जमा नहीं होंगे लॉटरी फॉर्म !

आज शाम 3 बजे के बाद जमा नहीं होंगे लॉटरी फॉर्म !
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न्यायालय के आदेश से पहले आबकारी विभाग ने सुनाया फैसला

भोपाल/विशेष संवाददातागा। आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2019-20 के लिए 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ जारी लायसेंस नवीनीकरण और लॉटरी प्रक्रिया पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद विभाग ने ठेकेदारों को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। विभाग ने 70 प्रतिशत से कम राजस्व वाले 8 जिलों के ठेकेदारों को लॉटरी फार्म 19 मार्च शाम 3 बजे तक जमा करने के आदेश दिए हैं, जबकि न्यायालय 19 मार्च को इस संबंध में अपना फैसला सुनाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सरकार बदलते ही आबकारी विभाग ने वर्ष 2018-19 की आबकारी नीति में ठेकेदारों के साथ किए गए उस अनुबंध को तोड़ दिया, जिसमें कहा गया था कि जो ठेकेदार अगले वर्ष 2019-20 में भी निर्धारित शर्तों के साथ शराब समूहों को संचालित करना चाहेंगे, उन समूहों के लिए अनुज्ञप्ति नहीं बुलाई जाएंगी और न ही अगले वर्ष उनकी लायसेंस फीस में वृद्धि की जाएगी। लेकिन सरकार बदली तो प्रदेश में राजस्व वृद्धि के निर्देश आबकारी विभाग को दिए गए। आबकारी आयुक्त ने नए सिरे से अनुज्ञप्ति बुलाने के स्थान पर पुराने ठेकेदारों की लायसेंस फीस में 20 प्रतिशत वृद्धि कर राजस्व को 70 प्रतिशत से अधिक करने का सुझाव सरकार को दिया। सरकार इस पर राजी हो गई। चूंकि नई आबकारी नीति तैयार करने में इस वर्ष आबकारी विभाग वैसे ही बहुत देर कर चुका था। इस कारण शीघ्रता में लायसेंस नवीनीकरण फीस में 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ आबकारी नीति लागू कर दी गई। आबकारी नीति में यह शर्त भी जोड़ दी गई कि जिन जिलों में लायसेंस नवीनीकरण और उससे प्राप्त राजस्व का प्रतिशत 70 प्रतिशत से कम रहेगा, ऐसे जिलों शराब समूहों के लिए पुन: टेंडर कराए जाएंगे। प्रदेश के 44 जिलों में लायसेंस नवीनीकरण से 70 प्रतिशत से अधिक राजस्व प्राप्त हो चुका है, इस कारण यहां लॉटरी नहीं कराए जाएंगे, जबकि भोपाल, ग्वालियर सहित 8 जिले ऐसे हैं जहां 17 मार्च तक राजस्व का आंकड़ा 70 प्रतिशत से नीचे था। इस तरह 19 मार्च तक जिन जिलों में राजस्व आंकड़ा 70 प्रतिशत से कम रहेगा, उन संभावित जिलों में लॉटरी की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है। टेंडर जमा करने की तिथि और समय भी न्यायालय के आदेश से पहले निर्धारित कर दिया गया है। खास बात यह है कि विभाग द्वारा आबकारी दरों और ड्यूटी का निर्धारण नहीं किए जाने के बावजूद लायसेंस नवीनीकरण के आदेश जारी कर दिए थे। खास बात यह है कि विभाग ने अब तक ड्यूटी स्लैब उजागर नहीं किया है।

न्यायालय की उदारता की अनुचित व्याख्या

11 मार्च को आचार संहिता लागू हो जाने के बाद आबकारी आयुक्त ने आदेश जारी कर 70 प्रतिशत से कम राजस्व वाले जिलों में 12 से 14 मार्च के बीच लॉटरी कराए जाने व 15 मार्च को लॉटरी खोलने की तिथि भी निर्धारित कर दी थी। आचार संहिता में लायसेंस नवीनीकरण और लॉटरी कराए जाने की शिकायत पर आयोग ने पूर्ववर्ती प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश के साथ विभागीय प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी। हालांकि पूर्ववर्ती प्रक्रिया का पालन यहां नहीं किया गया। आबकारी आयुक्त के आदेश के विरुद्ध इंदौर उच्च न्यायालय ने इसके विभागीय निर्णय के विरुद्ध दायर याचिका पर 19 मार्च को निर्णय देने की बात कही, साथ ही समयाभाव के कारण न्यायालय ने उदारता दिखाते हुए आबकारी विभाग को छूट दी कि वह विभागीय कार्रवाई जारी तो रखें, नई आबकारी नीति लागू किए जाने को लेकर अंतिम निर्णय न्यायालय के फैसले के बाद ही किया जाएगा। न्यायालय का आदेश स्पष्ट था कि प्रक्रिया विभागीय स्तर पर जारी रहे, न कि टेंडर ही करा दिए जाएं। न्यायालय इस याचिका पर 19 मार्च को निर्णय देगा। लेकिन न्यायालय का आदेश आने से पहले आबकारी आयुक्त ने 70 प्रतिशत से कम राजस्व वाले जिलों के जिलाधीशों और आबकारी अधिकारियों को आदेश भी जारी कर दिया है कि वह हर हाल में 19 मार्च शाम 3 बजे तक लॉटरी के फार्म जमा करवा लें। अर्थात इसके बाद टेंडर जमा नहीं किए जाएंगे। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि न्यायालय ने अगर निर्णय याचिकाकर्ता के पक्ष में दिया तो आबकारी विभाग प्रक्रिया को निरस्त अथवा संशोधित कर लेगा। लेकिन अगर निर्णय विभाग के पक्ष में दिया तो वह ठेकेदार जो न्यायालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। 19 मार्च के बाद क्या ऐसे ठेकेदारों को लॉटरी प्रक्रिया से वंचित कर दिया जाएगा। न्यायालय के स्थगन के बावजूद विभाग ने न केवल पूरी चालाकी से ठेकेदारों को उलझाने का प्रयास किया है, बल्कि न्यायालय के आदेश के पहले ही उन्हें टेंडर फार्म जमा करने के लिए बाध्य भी किया है।

इनका कहना है

'न्यायालय ने जिन कारणों को लेकर नोटिस जारी किया था, वह कमियां पूरी कर ली गई हैं। न्यायालय ने नोटिस में लायसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया जारी रखने की बात कही है। अंतिम रूप में लायसेंस नवीनीकरण एवं टेंडर न्यायालय का फैसला आने के बाद ही खोले जाएंगे। '

-रजनीश श्रीवास्तव

आबकारी आयुक्त मप्र शासन

Updated : 2019-03-18T22:46:25+05:30

Naveen

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