युवा उद्यमी योजना में 72 लाख लोन घोटाला, EOW ने बैंक अफसर समेत5 पर दर्ज किया केस

युवा उद्यमी योजना में 72 लाख लोन घोटाला, EOW ने बैंक अफसर समेत5 पर दर्ज किया केस
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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 72 लाख के लोन में गड़बड़ी उजागर हुई है। इसमें EOW ने बैंक अफसरों समेत कई पर केस दर्ज किया।

भोपालः मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत स्वीकृत 72 लाख रुपये के बैंक लोन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मंडीदीप शाखा से जुड़े इस प्रकरण में फर्म प्रोपराइटर, निजी फर्म संचालक, वाहन विक्रेता कंपनी और बैंक के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

EOW की जांच में सामने आया है कि एसबी/एसवी इंटरप्राइजेस के नाम पर 120 टन क्षमता की एक पुरानी ट्रक-माउंटेड क्रेन खरीदने के लिए यह लोन स्वीकृत किया गया था। बैंक दस्तावेजों में फर्म प्रोपराइटर और लाभार्थी के रूप में विजय पाल सिंह परिहार का नाम दर्ज है। यह लोन 30 मार्च 2017 को मंजूर हुआ, जिसमें परियोजना लागत एक करोड़ रुपये दर्शाई गई। इसमें 72 लाख रुपये बैंक लोन और 28 लाख रुपये मार्जिन मनी शामिल बताई गई।

ऐसे किया घोटाला

रिकॉर्ड के अनुसार, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से 12 लाख रुपये मार्जिन मनी सहायता तथा ब्याज सब्सिडी के रूप में 90-90 हजार रुपये की 10 किस्तों में कुल 9 लाख रुपये खाते में जमा किए गए। इस तरह लोन खाते को कुल 21 लाख रुपये का सरकारी लाभ मिला।

पहले से गिरवी थी क्रेन

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस क्रेन का पंजीकरण ऑल कार्गो मूवर्स इंडिया लिमिटेड के नाम पर था, उसका भुगतान ऑल कार्गो लॉजिस्टिक लिमिटेड के खाते में किया गया। किस्तें समय पर जमा न होने पर लोन खाता एनपीए घोषित कर दिया गया। बाद में खुलासा हुआ कि बैंक के पास गिरवी बताई गई क्रेन वास्तव में लियो इंजीनियरिंग सर्विस के नाम पर पंजीकृत थी और उसे बाद में टाटा फाइनेंस के पास गिरवी रख दिया गया।

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