MP बोर्ड परीक्षा 2026: नकल रोकने सख्त निर्देश, संवेदनशील केंद्रों पर निगरानी

MP बोर्ड परीक्षा 2026: नकल रोकने सख्त निर्देश, संवेदनशील केंद्रों पर निगरानी
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MP बोर्ड परीक्षा 2026 में नकल रोकने के लिए सख्त निर्देश, संवेदनशील केंद्रों पर पर्यवेक्षक और कड़ी निगरानी रहेगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी समय में आयोजित होने वाली बोर्ड एग्जाम को निष्पक्ष और नकल से मुक्त कराने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग के सचिव संजय गोयल ने अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रो पर कड़ी निगरानी रखने और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि विभाग अध्यक्ष गुरुवार को प्रदेश के सभी संभाग के कमिश्नर सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक को संबोधित कर रहे थे। इसमें उन्होंने कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल की किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म किया जाए।

13 फरवरी से आयोजित होंगी बोर्ड एग्जाम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कक्षा 10-12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं 13 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक होगी। इसमें लगभग 36 लाख छात्र- छात्राएं शामिल होगी।

माशिम की अध्यक्ष ने भी कलेक्टर को निर्देश दिए

बैठक में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष स्मिता भारद्वाज ने भी सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के पश्चात मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ होगा, जोकि समय सीमा में पूर्ण कराए। इससे परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किया जा सकेगा। मूल्यांकन पश्चात मूल्यांकन कर्ताओं को मानदेय की राशि डीईओ जारी करेंगे। मूल्यांकन कर्ताओं के पारिश्रमिक के भुगतान में अनावश्यक विलंब न किया जाए।

केवल शासकीय शिक्षक बनेंगे एग्जामिनर

सचिव गोयल ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में पर्यवेक्षक कार्य हेतु केवल शासकीय शिक्षक ही नियुक्त किए जाएंगे। परीक्षा संबंधी भ्रामक जानकारी को रोकने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम में साइबर सेल से संबंधित विशेषज्ञों को रखा जाएगा, ताकि अनावश्यक रूप से भ्रामक जानकारियां विद्यार्थियों के बीच ना फैले।

परीक्षा संबंधी एप की जानकारी देने होगा प्रशिक्षण

गोयल ने बताया कि परीक्षा संबंधी एप की जानकारी के संबंध में बोर्ड परीक्षा केंद्रों में नियुक्त कलेक्टर के प्रतिनिधियों एवं परीक्षकों को प्रशिक्षित करें। निर्धारित तिथि तक सभी परीक्षक एवं मूल्यांकनकर्ताओं की सूची मंडल को उपलब्ध कराई जाए। कक्षा दसवीं व कक्षा 12वीं की प्रथम परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को द्वितीय परीक्षा में बैठने की पात्रता रहेगी। इसके साथ ही द्वितीय परीक्षा के लिए अधिकतम पंजीयन करने प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।

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