भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला, ट्रेन में अब ID से होगी यात्रियों की जांच

भोपाल। भारतीय रेलवे बोर्ड ने चलती ट्रेनों में बढ़ रहे अपराधों को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने रेल यात्रा कर रहे यात्रियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। ये व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। आरक्षित कोचों में टिकट चेकर अब हरेक यात्री की पहचान पत्र देखेंगे। रेलवे ने कहा है कि नियमों की अनदेखी करने पर यात्री को बिना टिकट मानी जाएगी। साथ ही ऐसे यात्रियों के खिलाफ जीआरपी कड़ी कार्यवाई करेगी।
पश्चिम मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी नवल अग्रवाल ने बताया कि आरक्षित श्रेणी में यात्रा करते समय यात्रियों के समूह में से कम से कम एक यात्री को निर्धारित पहचान पत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना होगा। यदि ऐसा नहीं करता है, तो संबंधित सभी यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों को दिखाना होगा वैलिड आईडी
जिन यात्रियों ने किसी विशेष श्रेणी के लिए आरक्षित कोटे के अंतर्गत टिकट बुक कराया है अथवा किसी प्रकार की रियायत का लाभ लिया है, उन्हें अपनी पात्रता एवं दावे की पुष्टि के लिए वैध प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रमाण प्रस्तुत न करने की स्थिति में रियायत अथवा आरक्षण सुविधा अमान्य मानी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के रेलयात्रा में सत्यापन जरूरी
पीआरओ अग्रवाल ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे से अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसे नेपाल, बांग्लादेश आदि सीमाओं को जाने वाले रेल मार्गों पर हरेक यात्री को पहचान का सत्यापन कराना होगा। रेलवे ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ नियमों का कड़ाई से पालन की जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानियों से बचा जा सके।
