Home > राज्य > मध्यप्रदेश > भोपाल > प्रदेश में विमुक्त, घुमक्कड़ आदि जनजातीयों के लिए पृथक मंत्रालय बनेगा : मुख्यमंत्री

प्रदेश में विमुक्त, घुमक्कड़ आदि जनजातीयों के लिए पृथक मंत्रालय बनेगा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री शिवराज ने जनजाति पंचायत को संबोधित किया

प्रदेश में विमुक्त, घुमक्कड़ आदि जनजातीयों के लिए पृथक मंत्रालय बनेगा : मुख्यमंत्री
X

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के लिए पृथक मंत्रालय बनाया जाएगा, जिससे बेहतर तरीके से आपके कल्याण के कार्य किये जा सकें। हमारी संस्कृति को संरक्षित करने हम एक संग्रहालय भी बनाएंगे। समाज की बहनों के लिए स्व-सहायता समूह बनाकर उनको भी लोन दिलवाकर उन्हें भी रोजगार दिलाएंगे। खेल के क्षेत्र में भी और बेहतर हमारे समाज के बच्चे काम कर सकें, इसका प्रयत्न भी हम करेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को अपने निवास पर आयोजित विमुक्त, घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति की 'पंचायत' को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत एवं गणमान्य नारायण सिंह बंजारा, रवि बुंदेला आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री चौहान ने इस अवसर पर शक्ति स्वरूपा कन्याओं का पूजन कर सबके मंगल के लिए प्रार्थना की। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजातियों की 'पंचायत' का शुभारम्भ किया।

विमुक्ति दिवस-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 31 अगस्त के दिन आपके विमुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास की दौड़ में जो पिछड़ गए, गरीबी का दंश झेल रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से समानता का दर्जा नहीं मिला, ऐसे मित्रों का मैं स्वागत करता हूँ। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा है कि विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के लिए एक पृथक मंत्रालय बनाया जाएगा, जिससे बेहतर तरीके से आपके कल्याण के कार्य किये जा सकें। आपका सशक्तिकरण हमारा लक्ष्य है।

सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण-

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपके विभाग का नाम घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतू जनजाति के नाम पर करने जा रहे हैं।आपका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक है। जाति विशेष के नाम पर पुलिस को किसी को परेशान नहीं कर सकेगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष की ओर कोई अंगुली नहीं उठा पायेगा, ऐसी व्यवस्था की जायेगी। कुछ जातियाँ भ्रमण करती हैं, तो उनके बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती। हम तय करें कि अपने बच्चों को पढ़ाएंगे। सर्वोदय विद्यालय, ज्ञानोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय सहित छात्रावास में आपके बच्चों के लिए सीटें रिज़र्व कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि आपके आर्थिक सशक्तिकरण हेतु अब जितनी सरकारी भर्ती होंगी, उसमें आपके जितने बच्चे भाग लेंगे, उनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था हम करेंगे। स्वरोजगार की पृथक योजना आपके लिए बनाई जाएगी। आपके कौशल और कला को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे आपकी आजीविका चले। रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई, लिखाई और दवाई का इंतजाम; बुनियादी जरूरत है।

परंपराओं, जीवन मूल्यों और संस्कृति का संरक्षण -

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक रुपये किलो गेहूं, चावल, नमक की योजना का अधिकांश परिवारों को लाभ मिल रहा है, लेकिन जो छूटे हैं, उनका नाम जोड़ा जायेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ दिया जायेगा। आपकी परंपराओं, जीवन मूल्यों और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए हम एक संग्रहालय भी बनाएंगे। समाज की बहन-बेटियों का सशक्तिकरण भी हम करेंगे। इनके लिए विशेष रूप से स्वसहायता समूह बनाये जाएंगे। यह केवल एक पंचायत नहीं है, आपके जीवन को बदलने का अभियान है! उन्होंने कहा कि आपके बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।आयुष्मान योजना के अंतर्गत आपके कार्ड बनाये जाएंगे जिससे गरीबों का 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज किया जा सके।

Updated : 2021-10-12T16:04:36+05:30
Tags:    

स्वदेश वेब डेस्क

Swadesh Digital contributor help bring you the latest article around you


Next Story
Share it
Top