राजधानी भोपाल के 31 गांवों में 113 कब्जों पर चलेगा बुलडोजर, कलेक्टर ने दिए निर्देश

भोपाल। राजधानी में अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब बुलडोजर चलाने का फैसला किया है। इस संबंध में भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने निर्देश दे दिए है। सबसे अधिक कब्जे हुजूर और बैरसिया तहसील में चिन्हाकिंत हुए है। बता देंकि प्रशासन पहले ही अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले 12 कॉलोनाइजर्स पर केस दर्ज करा चुका है। अब प्रशासन ने 31 गांवों में 113 अवैध कॉलोनियों को चिह्नित की है, जिसमें अवैध कब्जे हो चुके हैं। इसकी नामजद सूची तैयार कर कलेक्टर को दे दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने टीएल मीटिंग में इन अवैध अतिक्रमणों को तोडऩे का निर्देश एसडीएम को दे दिए हैं। हुजूर तहसील में तो इसके लिए तहसीलदार आलोक पारे के नेतृत्व में टीम गठित कर ली गई है।
यहां से होगी शुरुआत
कलेक्टर के निर्देश पर संभवत: गुरुवार से ईंटखेड़ी और कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर बुलड़ोजर चलाने का काम शुरू हो जाएगा। इस दौरान शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वाले संबंधित व्यक्ति पर एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी। हालांकि भोपाल में बीते कई दिनों से हुजूर और बैरसिया तहसील में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई तेज है, लेकिन कोलार, गोविंदपुरा, एमपी नगर और बैरागढ़ सर्किल के एसडीएम अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में गंभीर नजर नहीं आ रहे। बता दें कि कलेक्टर इस मुद्दे पर पहले ही नाराजगी जता चुके हैं। टीएल बैठक में भी फिर से कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम पर नाराजगी जाहिर की है।
ऐसे जमीनों पर लोग ना करें निवेश : कलेक्टर
कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने बताया जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट पर हुजूर क्षेत्र की सवा सौ ऐसी कॉलोनियों को चिह्नित किया है, जिनमें बगैर किसी अनुमति के ही निर्माण कर लिया है। अवैध कब्जों को देखते हुए लोगों से अपील है कि इन कॉलोनी में इन्वेस्टमेंट नहीं करें। जिन लोगों ने निवेश किया है, उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाएगा। जिला प्रशासन अवैध तरीके से की गई प्लॉटिंग और कंस्ट्रक्शन पर मप्र सरकार के निर्देशानुसार बुलडोजर चलाएगा।
किसानों की भूमि पर 90 प्रतिशत कॉलोनियां
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बीते दिनों जांच के बाद खुलासा हुआ कि 90 प्रतिशत अवैध कॉलोनियां किसानों की जमीन पर बनाई गई है। हुजूर, कोलार, बैरसिया और गोविंदपुरा तहसील क्षेत्रों में बीते एक साल के भीतर भूमाफिया ने बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां विकसित की हैं। ये कॉलोनियां कृषि भूमि पर काटी गई हैं, जिनके लिए न तो ले-आउट स्वीकृत है और न ही किसी तरह की वैधानिक अनुमति ली गई है।
