भोपाल: जयप्रकाश अस्पताल में मरीज को मिली फफूंद लगी दवा

सीएमएचओ को ई-मेल पर भेजी शिकायत, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग
राजधानी भोपाल के जिला अस्पताल जयप्रकाश (जेपी) हॉस्पिटल के हड्डी रोग विभाग में उपचार के लिए आए एक मरीज को फफूंद लगी दर्द की दवा दे दी गई।
यह घटनाएं नागरिकों के भरोसे को तोड़ती हैं।
मरीज ने फफूंद देखकर दवा नहीं खाई, लेकिन इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को ई-मेल के माध्यम से भेजी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पैर में चोट लगने के बाद सतीश सेन नामक व्यक्ति जेपी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ ने पैर में फ्रैक्चर की आशंका जताते हुए एक्स-रे कराने की सलाह दी और दर्द की दवा लिख दी। मरीज ने अस्पताल की फार्मेसी से दवा ली, जिसमें फफूंद पाई गई।
सतीश ने मामले की शिकायत सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को ई-मेल के जरिए भेजी। शिकायत में उन्होंने लिखा कि शुक्रवार शाम 5 बजे वह हड्डी रोग विभाग में पहुंचे, जहां वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद नहीं थे। इंटर्न डॉक्टर ने उनकी देखरेख करते हुए दवा लिखी। पर्ची के आधार पर अस्पताल परिसर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी। घर पहुँचकर दवा को ध्यान से देखा तो उसमें फफूंद लगी हुई थी।
सतीश ने कहा कि यह घटना दवा की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि वह जल्दबाजी में या अंजाने में दवा ले लेते, तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।सरकारी अस्पताल से मिलने वाली दवाओं पर नागरिक भरोसा करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं भरोसे को कमजोर करती हैं।
दवा का विवरण
मरीज को दी गई दवा डिक्लोफेनाक 50 एमजी की टैबलेट थी। दवा पर एक्सपायरी तिथि जून 2027 अंकित है। बैच नंबर: DSM 25002। यह दवा मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से 27 अक्टूबर 2025 को जेपी अस्पताल को उपलब्ध कराई गई थी।
शिकायत में सीएमएचओ से मांगें
सतीश ने मामले की तत्काल जांच कराने और फार्मेसी में रखी दवाओं की गुणवत्ता का ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही मरीजों को खराब दवा देने वाले दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में किसी मरीज को खराब या फफूंद लगी दवा न देने की मांग की है।
सीएमएचओ का बयान
"जेपी अस्पताल से मरीज को फफूंद लगी दवा मिलने की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।"
- डॉ. मनीष शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल
