भोपाल के 150 निजी स्कूलों ने नहीं दी फीस जानकारी, शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी तक का दिया समय

भोपाल के 150 निजी स्कूलों ने नहीं दी फीस जानकारी, शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी तक का दिया समय
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भोपाल के 150 निजी स्कूलों ने फीस व किताबों की जानकारी नहीं दी। 15 फरवरी तक विवरण न देने पर सख्त कार्रवाई होगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने राज्य में शुल्क अधिनियम 2020 लागू किया था। इसका उद्देश्य था कि प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस न बढ़ा सके और पैरेंटस का शोषण ना हो। हालांकि प्रदेश की राजधानी से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। यहां के 150 निजी स्कूलों ने फीस व किताबों की जानकारी नहीं दी है। स्कूल शिक्षा विभाग इसे गंभीरता से लेते हुए 15 फरवरी तक जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई जैसी अंतिम चेतावनी दी है।

मिली जानकारी के अनुसार करीब 150 निजी स्कूलों ने अब तक न तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और न ही निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी फीस संरचना और पाठ्य-पुस्तकों की सूची अपलोड की है। बता दें कि शुल्क अधिनियम के तहत सेशन शुरू होने से पहले ही स्कूलो को फीस स्ट्रक्चर, बुक्स समेत अन्य जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल पर देना था। लेकिन कई प्राइवेट स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया। शिक्षा विभाग अब ऐसे स्कूलों पर सख्ती की तैयारी कर रहा है।

क्या है सख्ती की वजह

दरअसल, 15 मार्च के बाद से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को 15 फरवरी तक की अंतिम समय-सीमा दी है। विभाग ने साफ किया है कि तय तारीख तक जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों पर जुर्माना, नोटिस और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी। शुल्क अधिनियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा। स्कूलों को 15 फरवरी तक का समय दिया गया है, उसके बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल तक नहीं बदल सकेंगे स्कूल यूनिफॉर्म

डीईओ अहिरवार ने निर्देश दिए हैं कि जिले के कोई भी निजी स्कूल तीन वर्षों तक अपनी यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं कर सकेंगे। किताबों और गणवेश पर स्कूल का नाम छापना प्रतिबंधित रहेगा, ताकि अभिभावकों को किसी खास दुकान से सामान खरीदने के लिए मजबूर न किया जा सके। यदि किसी स्कूल की किताबें या यूनिफॉर्म एक ही तय दुकान से बिकती पाई गईं, तो उस दुकान का लाइसेंस समेत स्कूल की मान्यता भी निरस्त हो सकती है।

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