भोजशाला में 10 साल बाद पूजा और नमाज एक ही दिन, 8000 जवान तैनात

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार भोजशाला में हिंदुओं की बसंत पंचमी पर मां वाग्देवी का पूजन शुरू हो गया है और मुस्लिम समाज के लिए नमाज का अलग समय निर्धारित किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 8000 पुलिस बल तैनात किया है। साथ ही सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला मंदिर परिसर में 10 साल बाद एक ही दिन पूजा और नमाज पढ़ी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजनों के लिए अलग-अलग समय और स्थान निर्धारित किए गए हैं।
सूर्योदय से शुरू हुआ पूजन, हवन-यज्ञ जारी
बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार, 23 जनवरी को सुबह सूर्योदय के साथ ही भोजशाला में मां वाग्देवी का विधिवत पूजन हुआ। वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच हवन-यज्ञ किए गए। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूजा-अर्चना का समय सूर्यास्त तक जारी रहेगा। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक परिसर के एक निर्धारित हिस्से में जुमे की नमाज अदा की जाएगी। प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय के लिए अलग स्थान निर्धारित किया है, ताकि दोनों धार्मिक समुदायों में तनाव की स्थिति न बन जाए। पूजा और नमाज के दौरान प्रवेश और निकासी के रास्ते भी अलग-अलग रखे गए हैं।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने भोजशाला और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील कर दिया है।
- यहां पर 8000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
- सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है।
- 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
- 20 ड्रोन और AI तकनीक से निगरानी की जा रही है।
- परिसर के 300 मीटर दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।
- 13 आईपीएस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं, जबकि सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी मैदान में तैनात हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि हिंदू पक्ष को सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और फिर शाम 3 बजे से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमति होगी। दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की जाएगी। कोर्ट ने प्रशासन को शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।
एक दशक बाद बना ऐसा संयोग
भोजशाला में आमतौर पर बसंत पंचमी पर पूजा और जुमे के दिन नमाज की अनुमति अलग-अलग रहती है। लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं, तो स्थिति संवेदनशील हो जाती है। इससे पहले 2006, 2013 और 2016 में ऐसा संयोग बना था। करीब 10 साल बाद यह पहला मौका है, जब पूजा और नमाज एक साथ हो रही है।
