आखिर नारियल के अंदर कहां से आता है पानी, जानिए क्या इस सवाल का जवाब

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By - Deepika Pal |5 Jun 2024 7:38 PM IST
Reading Time: क्या आपने सोचा है कभी नारियल के पेड़ ऊंचे होने की में पानी कहां से आता है जानिए इस सवाल का जवाब जानते है।
Coconut Water: गर्मियों के दिनों में नारियल पानी पीना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है वहीं तो हर कोई इसे नियमित लेते हैं। नारियल एक ऐसा फल है जिसमें विटामिन्स और मिनरल्स काफी मात्रा में होते है शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के बैलेंस को बनाकर रखता है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है। क्या आपने सोचा है कभी नारियल के पेड़ ऊंचे होने की में पानी कहां से आता है जानिए इस सवाल का जवाब जानते है आइए...
जानिए नारियल में पानी का फैक्ट
नारियल में पानी कहां से आता है चलिए जानते हैं इसके बारे में..
- बात करें, तो असल में नारियल का पेड़, पानी को इकट्ठा या यूं कहें कि रिजर्व करने के लिए, अपने फलों का उपयोग करता है। जिसमें एक तरह से यह नारियल के पौधे का, पानी को बचाकर रखने का एक तरीका मात्र होता है।
- इसके अलावा एक फैक्ट यह भी है कि, प्रक्रिया के तहत पेड़ की जड़ों के जरिए, इस पानी को इकट्ठा कर,फिर फलों तक पहुंचाया जाता है। जो आगे जड़ और फलों की सेल्स के जरिए, ये पानी फल के अंदर आ जाता है।
- इसके बाद, की प्रक्रिया में जैसे-जैसे ये नारियल पकने लगते हैं, एडोस्पर्म पानी के अंदर घुलने लगते हैं और पानी धीरे-धीरे सूखने लगता है। जब नारियल सूख जाता है, तो जो नारियल गिरी हम खाते हैं, वह इसी एंडोस्पर्म की सॉलिड फॉर्म होती है। बता दें, यह पूरा प्रोसेस नारियल के पेड़ की कोशिकाओं के जरिए होता है।
- बात करें तो, एंडोस्पर्म पहले लिक्विड फॉर्म में होता है। जो एक तरह से यह रंगहीन तरल ही नारियल का पानी होता है और फिर बाद में, यह कोशिकाओं के साथ मिलकर, नारियल के किनारों पर जमने लगता है। धीरे-धीरे इससे नारियल गिरि बन जाती है।
- पौधे के विकास के दौरान, यही एंडोस्पर्म बदलता है और फिर फर्टिलाइजेशन के बाद, न्यूक्लियस में बदल जाता है।
- नारियल पानी, थकान और डिहाइड्रेशन को दूर कर, शरीर को ताकत देता है।
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