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बंगाल में छठवें चरण में 80 फीसदी मतदान, 306 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद

बंगाल में छठवें चरण में 80 फीसदी मतदान, 306 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के छठे चरण में आज चार जिलों में 43 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया है। चुनाव आयोग से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शाम 5:00 बजे तक करीब 80 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। उत्तर 24 परगना, बर्दवान और नदिया के कुछ हिस्सों में छिटपुट हिंसा जरूर हुई पर कोई बड़ी घटना नहीं हुई है।

चार जिलों के 14,480 मतदान केंद्रों पर लगभग शांतिपूर्वक तरीके से मतदान हो गया है। मतदान प्रतिशत का अंतिम आंकड़ा शुक्रवार को आएगा। इस चरण में 306 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। सेंट्रल फोर्स के जवानों की देखरेख में ईवीएम को मतदान केंद्रों से स्ट्रांग रूम में पहुंचा दिया गया है। बैरकपुर, भाटपाड़ा, नैहटी और खरदह में दिनभर भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच टकराव होने की खबरें मिलती रहीं। पूर्व बर्दवान में भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप तृणमूल कांग्रेस के लोगों पर लगे तो कहीं-कहीं तृणमूल कार्यकर्ताओं की भी पिटाई कथित भाजपा कार्यकर्ताओं ने की है। यहां के पूर्वस्थली में एक मतदान केंद्र के अंदर चुनाव अधिकारी के कथित तौर पर जय श्रीराम का नारा लगाए जाने पर आयोग ने उसे ड्यूटी से हटा दिया गया। उत्तर 24 परगना में भाजपा कार्यकर्ताओं और तृणमूल के कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर दोनों ही पार्टियों के नेताओं के बीच दिनभर जुबानी जंग चलती रही। जिला तृणमूल अध्यक्ष और निवर्तमान मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने आरोप लगाया कि हार के डर से भाजपा हिंसा कर रही है, जबकि भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने ही पहले हिंसा की शुरुआत की। तृणमूल कांग्रेस ने कई जगहों पर केंद्रीय बलों के जवानों पर फायरिंग करने का आरोप भी लगाया लेकिन चुनाव आयोग ने रिपोर्ट देखने के बाद इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

गो बैक के नारे लगे -

बैरकपुर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार राज चक्रवर्ती को घेरकर गो बैक के नारे लगाए गए हैं। आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया था और गो बैक के नारे लगाए। इसके अलावा पूर्व बर्दवान के केतुग्राम में भाजपा के कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगे हैं। दावा है कि सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों ने न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं को मारा-पीटा बल्कि मतदान केंद्र के बाहर बमबारी भी की ताकि लोग डर से वोट करने ना जाएं। पूर्व बर्दवान के इस इलाके में घटना की सूचना मिलने के बाद देर से पहुंचने का आरोप पुलिस पर लगा है। हालात तनावपूर्ण है और मौके पर पहुंची सेंट्रल फोर्स की टीम ने गश्ती शुरू की है।

टीएमसी नेता ने धमकी दी -

पूर्व बर्दवान जिले के आयुषग्राम के प्रतापपुर इलाके में तृणमूल नेता ने पुलिस को धमकी दी है। इसका वीडियो सामने आया है। उस नेता का नाम अरूप मिदा है। नेता ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा है कि तीन दिन बाद हमारी सरकार आएगी उसके बाद तुमको ढूंढ लेंगे हम और देखेंगे। पुलिस को धमकी देते हुए उक्त नेता कह रहे हैं कि मैं तुमको चैलेंज दे रहा हूं। क्या चाहते हो यहां सीतलकुची बनाओगे? हमारे गांव में चुनाव का मतलब उत्सव होता है। इसमें खलल मत डालो। इसके अलावा आमडांगा इलाके में बइचगाछी क्षेत्र के आईएसएफ कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र में घुसने से रोकने का आरोप तृणमूल कार्यकर्ताओं पर लगा है। यह भी आरोप है कि तृणमूल के कार्यकर्ता और संरक्षित अपराधी आम लोगों को मतदान से रोक रहे हैं। चुनाव आयोग के पास इससे संबंधित शिकायत दर्ज कराई गई है

Updated : 2021-04-22T19:33:46+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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