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युगांडा संसद को संबोधित करने वाले मोदी बने पहले भारतीय प्रधानमंत्री

युगांडा संसद को संबोधित करने वाले मोदी बने पहले भारतीय प्रधानमंत्री
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नई दिल्ली/एन्टाबे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी को अफ्रीकी देश युगांडा की संसद में संबोधित करने का सम्मान दिया गया। यह सम्मान पाने वाले नरेन्द्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। पं. नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को अभी तक यह सम्मान नहीं मिला था।

इतना ही नहीं, युगांडा की राजकीय यात्रा करने वाले वाले पिछले दो दशक में वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। बुधवार को जब प्रधानमंत्री मोदी ने युगांडा संसद को संबोधित किया तो उनकी हर युगांडा के सांसदों ने ताली बजाकर स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन खत्म होने पर युगांडा संसद में भारतीय राष्ट्रगान बजाया गया। युगांडा के सभी सांसदों ने खड़े होकर भारतीय राष्ट्रगान को सम्मान दिया और युगांडा के सेना के उच्च अधिकारियों ने सलामी दी।

युगांडा की संसद में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस विशाल सदन को संबोधित करने के निमंत्रण से मुझे सम्मानित किया गया है। मुझे दुनिया के दूसरे देशों की संसदों में भी इसी तरह का विशेष सम्मान मिला है लेकिन आज यहां युगांडा की संसद में मिला ये सम्मान मेरे लिए विशेष है। यह सम्मान पहली बार भारत के प्रधानमंत्री को मिला है। यह भारत के 1.25 अरब लोगों के लिए एक बड़ा सम्मान है। मैं इस सदन में और युगांडा के सभी लोगों के लिए दोस्ती की शुभकामनाएं देता हूं। आपकी उपस्थिति, मैडम अध्यक्ष महोदय, मुझे मेरी लोकसभा की याद दिलाती हैं, जिसमें एक महिला अध्यक्ष भी है। मैं यहां संसद के युवा सदस्यों की एक बड़ी संख्या भी देखता हूं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छी खबर है। हर बार जब मैं युगांडा आता हूं, तो मैं इस 'अफ्रीका के मोती' से आकर उत्साहित होता हूं। यह विशाल सुंदरता, संसाधनों की विशाल संपत्ति और समृद्ध विरासत की भूमि है। इसकी नदियों और झीलों ने इस बड़े क्षेत्र में सभ्यताओं को पोषित किया है। मुझे पता है इतिहास जो हमें इस बिंदु पर लाता है, जब दुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री दूसरे संप्रभु राष्ट्र की संसद के निर्वाचित सदस्यों से बात कर रहा है। हमारे प्राचीन समुद्री लिंक, औपनिवेशिक शासन का काला समयकाल, स्वतंत्रता के लिए साझा संघर्ष, एक विभाजित दुनिया में स्वतंत्र देशों के रूप में अनिश्चित पथ पर हमारा वो सफर, नए अवसरों की शुरुआत और हमारी युवा आबादी की आकांक्षाओं की एकता, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

प्रधानमंत्री ने युगांडा की संसद को बताया कि युगांडा के साथ, हमने अफ्रीका के विशाल विस्तार में हमारी साझेदारी को गहरा कर दिया है। पिछले चार वर्षों में, हमारे राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और मैंने सामूहिक रूप से कम से कम अफ्रीका के 25 देशों की यात्रा की है। हमारे मंत्रियों ने इन चार साल में, लगभग सभी अफ्रीकी राष्ट्रों से संपर्क किया है। हमें अक्टूबर 2015 में तीसरे अफ्रीका-भारत फोरम शिखर सम्मेलन में सभी 54 देशों की मेजबानी करने का सम्मान मिला है। हमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के उद्घाटन शिखर सम्मेलन में करीब 40 अफ्रीकी राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी करने का भी विशेष सम्मान मिला है। इन सभी के अलावा अफ्रीका के 32 प्रमुख राज्य या सरकार ने पिछले चार वर्षों में भारत का दौरा किया है। मेरे गृह राज्य गुजरात को पिछले साल भारत में अफ्रीकी विकास बैंक की पहली बैठक की मेजबानी करने पर हमें गर्व है, और हम अफ्रीका में 18 नए दूतावास भी खोल रहे हैं।

अफ्रीका, खासकर युगांडा के साथ पिछले 7 दशकों के संबंधों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत और अफ्रीका महान, उज्ज्वल भविष्य की सीमा पर खड़े हैं, आत्मविश्वास, सुरक्षित, युवा, अभिनव और गतिशील लोगों के रूप में। युगांडा इस कदम पर अफ्रीका का एक उदाहरण है। यह बढ़ती लिंग समानता, बढ़ते शैक्षिक और स्वास्थ्य मानकों, और बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी का विस्तार देख रहा है। यह एक ऐसा देश है जो बढ़ते व्यापार और निवेश के साथ दिख रहा है। हम नवाचार की वृद्धि देख रहे हैं। भारत में हम दोस्ती के गहरे बंधन के कारण हर अफ्रीकी सफलता में खुश हैं। भारत को अफ्रीका के साथी होने पर गर्व है और युगांडा, अफ्रीका महाद्वीप के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के लिए केंद्र है। मैंने युगांडा के लिए दो लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा की। बिजली लाइनों के लिए 141 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पहला और दूसरा कृषि और डेयरी उत्पादन के लिए 64 मिलियन अमेरिकी डॉलर का। हम कृषि और स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा, सरकार में क्षमता निर्माण और रक्षा में प्रशिक्षण के लिए युगांडा के लोगों की आकांक्षाओं का समर्थन करना जारी रखेंगे।

युगांडा संसद में अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा गांधी के अफ्रीका के साथ संबंध, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भारतीय सैनिकों का योगदान सहित कई पहलुओं का जिक्र किया। रवांडा और युगांडा की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री 25-27 जुलाई तक दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर होंगे। अपनी तीन दिवसीय इस आधिकारिक यात्रा के दौरान वे ब्रिक्स समिट-2018 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी तीन अफ्रीकी देशों, रवांडा, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं।

Updated : 2018-07-26T22:44:00+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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