Latest News
Home > देश > यासीन मलिक को कोर्ट ने सुनाई सजा, टेरर फंडिंग केस में उम्रकैद, 10 लाख का जुर्माना

यासीन मलिक को कोर्ट ने सुनाई सजा, टेरर फंडिंग केस में उम्रकैद, 10 लाख का जुर्माना

यासीन मलिक को कोर्ट ने सुनाई सजा, टेरर फंडिंग केस में उम्रकैद, 10 लाख का जुर्माना
X

नईदिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को हत्या और टेरर फंडिंग के मामले में दोषी करार यासिन मलिक को उम्रकैद की सजा सुना दी। एडवोकेट उमेश शर्मा ने बताया कि यासीन को दो उम्रकैद, 10 मामलों में 10 साल की जेल और 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

कोर्ट ने 19 मई को दोषी करार दिया था। 10 मई को यासिन मलिक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था। 16 मार्च को कोर्ट ने हाफिज सईद , सैयद सलाहुद्दीन, यासिन मलिक, शब्बीर शाह और मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताफ अहमद शाह, अवतार अहम शाह, नईम खान, बशीर अहमद बट्ट ऊर्फ पीर सैफुल्ला समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।

पाकिस्तान की मदद से कश्मीर में फैलाया आतंक -

एनआईए के मुताबिक पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, जेकेएलएफ, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले और हिंसा को अंजाम दिया। 1993 में अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की स्थापना की गई।

इन धाराओं में होगी सजा -

एनआईए के मुताबिक हाफिद सईद ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं के साथ मिलकर हवाला और दूसरे चैनलों के जरिये आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन का लेन-देन किया। इस धन का उपयोग घाटी में अशांति फैलाने, सुरक्षा बलों पर हमला करने, स्कूलों को जलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। एनआईए ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 121, 121ए और यूएपीए की धारा 13, 16, 17, 18, 20, 38, 39 और 40 के तहत केस दर्ज किया था।

Updated : 2022-05-27T19:21:42+05:30
Tags:    

स्वदेश वेब डेस्क

Swadesh Digital contributor help bring you the latest article around you


Next Story
Share it
Top