चंद्रयान 4 पर ISRO चीफ ने कह दी बड़ी बात, भारत करेगा कुछ ऐसा जो पहले कभी नहीं हुआ

Chandrayaan 4
Chandrayaan 4 : दिल्ली। चंद्रयान 4 मिशन को लेकर भारत में इसरो जोर - शोर से तैयारियां कर रहा है। इसरो चीफ डॉ. एस सोमनाथ (ISRO Chief Dr. S Somnath) ने एक इंटरव्यू में मिशन से जुड़ी बारीकियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि, चंद्रयान - 4 मिशन में भारत वो करेगा जो आज तक भारत में कभी नहीं हुआ होगा। आइए जानते हैं आख़िर क्या है चंद्रयान - 4 मिशन की खूबियां।
इसरो चीफ एस सोमनाथ ने बताया कि, चंद्रयान - 4 मिशन का उद्देश्य चन्द्रमा की सतह से सैम्पल कलेक्ट करके धरती पर वापस लौटना है। चंद्रयान - 3 के सफल होने के बाद इसरो का फोकस चंद्रयान - 4 को सफल बनाने में है। इसमें सबसे अलग बात यह है कि, चंद्रयान मिशन को एक बार में लॉन्च नहीं किया जाएगा। इसरो चीफ ने बताया कि, चंद्रयान - 4 को दो अलग - अलग भाग में लांच किया जाएगा। ऐसा करने वाला भारत पहला देश होगा।
चंद्रयान - 4 दो हिस्सों में क्यों :
चंद्रयान - 4 को दो हिस्सों में लांच करने के पीछे के कारण पर बात करते हुए इसरो चीफ ने बताया कि, चंद्रयान - 4 का वजन भारत में मौजूद रॉकेट के वहन क्षमता से अधिक हो सकता है। ऐसे में इस मिशन को सफल बनाने के लिए इसे दो हिस्सों में लांच किया जाएगा। इसके अलावा चन्द्रमा पर लैंडिंग से पहले ही अंतरिक्ष में चंद्रयान के दोनों हिस्सों को जोड़ा जाएगा।
चंद्रयान - 4 के उद्देश्य :
चंद्रयान - 4 मिशन से भारत चन्द्रमा की सतह के सैम्पल भारत में लाना चाहता है। अब तक यह उपलब्धि अमेरिका, चीन और रूस के पास है। चंद्रयान - 4 शिव - शक्ति पॉइंट के करीब ही लैंड करेगा। यह वही पॉइंट है जहां चंद्रयान - 3 की लैंडिंग हुई थी।
