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भोपाल की तरह इंदौर में बनेगा विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन, रेल मंत्री ने दी मंजूरी

दो हजार करोड़ की लागत से बनने वाले स्टेशन पर होंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

भोपाल की तरह इंदौर में बनेगा विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन, रेल मंत्री ने दी मंजूरी
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इंदौर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का रानी कमलापति स्टेशन देश का पहला विश्वस्तरीय स्टेशन है, जहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं यात्रियों को उपलब्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच महीने पहले इस स्टेशन को लोकार्पित किया था। अब विकास की नई इबारत लिख रहे इंदौर के रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। पीपीपी मोड पर दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा। रेल मंत्रालय ने इस स्टेशन के डिजाइन को मंजूरी दे दी है।

इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने मंगलवार को उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण व विकास को लेकर जोर दिया था। इसे लेकर मैं लगातार एक साल से रेल मंत्री अश्विन वैष्णव के संपर्क में था। रेल मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी है। स्टेशन पर 12 हजार यात्री प्रति घंटे के हिसाब से मूव कर सकेंगे। इस लिहाज से ही रेलवे स्टेशन की डिजाइन बनाई गई है। इसके लिए पहले सर्वे हो चुका है।

उन्होंने बताया कि दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से इस स्टेशन को भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से भी अधिक बेहतर बनाया जाएगा। निर्माण कार्य की लागत कौन-कौन वहन करेगा, इस बारे में अभी खुलासा नहीं किया गया है। कुल लागत भी अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि अभी अलग-अलग टेंडर होंगे, जिसके बाद सही आंकड़ा सामने आएगा। भोपाल का रानी कमलापति स्टेशन 450 करोड़ रुपये की लागत से बना है, जबकि इंदौर के नए स्टेशन की लागत इससे चार गुना ज्यादा होने की बात कही गई है।

सांसद लालवानी ने बताया कि रेलवे स्टेशन के निर्माण की प्लानिंग अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर की गई है। इस सुपर प्लस रेलवे स्टेशन में होटल, मॉल्स, लॉजिंग, बोर्डिंग सहित सारी सुविधाएं रहेंगी। खास बात यह कि यात्रियों को सरवटे बस स्टैंड, मेट्रो, एयरपोर्ट से दोनों ओर की कनेक्टिविटी आसानी से मिले, इसका खास ध्यान रखा गया है। नया स्टेशन 2027 तक बनकर तैयार होने की संभावना है।

सांसद लालवानी ने बताया कि इंदौर रेलवे स्टेशन की डिजाइन स्वयं रेल मंत्री ने देखी है। यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट रेल मंत्रालय से पश्चिम रेलवे जीएम को भेजी गई है। वे उसे अब टेंडर की प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाएंगे। यह फिर मंजूरी के लिए फिर रेल मंत्रालय जाएगा। इसमें चार-पांच महीने लगेंगे और फिर काम शुरू हो जाएगा।

सांसद ने बताया कि भोपाल के कमलापति स्टेशन में जो कमियां हैं, उन्हें यहां दूर किया जाएगा। रेलवे स्टेशन के सामने रेलवे कॉलोनी और रिजर्वेशन सेंटर के हिस्से की जमीन को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। यहां कम रेट पर यात्री ठहर सकेंगे। खास बात यह कि पार्किंग अंडर ग्राउंड रहेगी। पटेल ब्रिज, यूनिवर्सिटी के पास की जमीन, बड़ी लाइन का हिस्सा आदि सब स्टेशन में शामिल किए जाएंगे। स्टेशन के सामने की सड़क रेलवे की जमीन पर है, वह वैसी ही रहेगी लेकिन ब्रिज, लिफ्ट, एलिवेटर आदि होने से कुछ बदलाव होगा। प्लेटफॉर्म अभी जितने हैं, वैसे ही रखेंगे। खास बात यह कि निर्माण के दौरान स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़े, इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा। सुविधाएं ज्यादा से ज्यादा बढ़ाई जाएंगी।

Updated : 2022-04-23T14:24:33+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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