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कुतुब मीनार को बताया विष्णु स्तंभ, हिन्दू संगठन ने परिसर में पढ़ी हनुमान चालीसा

परिसर की दीवारों पर स्पष्ट लिखा है कि 27 मंदिरों को ध्वस्त करने के बाद इस मीनार को बनाया गया था। इस परिसर में हिंदू भगवानों की मूर्तियां हैं।

कुतुब मीनार को बताया विष्णु स्तंभ, हिन्दू संगठन ने परिसर में पढ़ी हनुमान चालीसा
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नईदिल्ली। दक्षिण जिले के महरौली स्थित कुतुब मीनार को लेकर मामला एक बार फिर से गरमा गया है। मंगलवार को यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के लोगों ने कुतुबमीनार के बाहर प्रदर्शन किया और कुतुब मीनार परिसर में हनुमान चालीसा पाठ करने की मांग की। उनका आरोप है कि दिल्ली की तथाकथित कुतुबमीनार वास्तव में विष्णु स्तंभ है।



इस बात के प्रमाण भी हैं कि पहले यहां पर भगवान विष्णु का मंदिर था। परिसर की दीवारों पर स्पष्ट लिखा है कि 27 मंदिरों को ध्वस्त करने के बाद इस मीनार को बनाया गया था। इस परिसर में हिंदू भगवानों की मूर्तियां हैं।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे करीब 30 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार,उन्हें इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वे सड़क के बीच में विरोध कर रहे थे, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया था, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही थी।

हनुमान चालीसा पाठ पढ़ने की जिद -

यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भगवान गोयल नेतृत्व में मंगलवार को कुतुब परिसर के बाहर काफी संख्या में हिंदू संगठन के लोग इकट्ठे हुए और हनुमान चालीसा पाठ पढ़ने को लेकर जिद पर अड़ गए। दिल्ली पुलिस की तरफ से पहले ही सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम कर लिए गए थे। इस मौके पर दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी, पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी मौजूद रहे। इस दौरान हिंदू संगठन के लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है।

हिंदू और जैन मंदिरों को तोड़ा गया -

हिंदू संगठन के लोगों ने बताया कि कुतुब मीनार और उसके साथ सटी कुवत उल इस्लाम मस्जिद के निर्माण में वहां मौजूद दर्जनों हिंदू और जैन मंदिरों के स्तंभ और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था। यहां तक की मीनार के प्रवेश द्वार पर एक शिलालेख में लिखा है कि यह मस्जिद वहां बनाई गई है जहां 27 हिंदू और जैन मंदिरों का मलवा था। मीनार निर्माण के लिए मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा यहां पर हिंदू और जैन मंदिरों को तोड़ा गया था।

Updated : 2022-05-15T22:19:41+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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