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आर्मी डे पर सेना को मिली डिजिटल पैटर्न वाली लड़ाकू वर्दी

करियप्पा ग्राउंड की परेड में पहली बार नई वर्दी के साथ पैरा एसएफ सैनिक शामिल हुए

आर्मी डे पर सेना को मिली डिजिटल पैटर्न वाली लड़ाकू वर्दी
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नईदिल्ली। सेना दिवस पर भारतीय सैनिकों को नई डिजिटल पैटर्न वाली लड़ाकू वर्दी मिल गई। भारतीय सेना ने शनिवार को अपने सैनिकों के लिए नई वर्दी का अनावरण किया, जो हल्की और पर्यावरण के अनुकूल है। करियप्पा ग्राउंड में सेना दिवस की परेड में पहली बार नई वर्दी के साथ पैरा एसएफ सैनिक शामिल हुए। इस नई लड़ाकू पोशाक लाने का फैसला हाल ही में आयोजित सेना कमांडरों के सम्मेलन में लिया गया था। सेना की डिजिटल पैटर्न वाली अधिक आरामदेह नई लड़ाकू वर्दी को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) ने सेना के निकट समन्वय में डिजाइन किया है।

'डिजिटल' पैटर्न पर आधारित नई वर्दी सेना के लिए मौजूदा पोशाक से पूरी तरह से अलग है। सैनिकों को वर्दी की नई शर्ट पतलून के अन्दर टक करने की आवश्यकता नहीं होगी। नई वर्दी का रंग प्रतिशत वर्तमान पोशाक की तरह जैतून और मिट्टी सहित रंगों का मिश्रण है। सैनिकों और अधिकारियों की सुविधा के लिए पतलून में अतिरिक्त जेबें होंगी। सेना की डिजिटल पैटर्न वाली अधिक आरामदेह नई लड़ाकू वर्दी को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) ने सेना के निकट समन्वय में डिजाइन किया है। सेना दिवस परेड में आज नई लड़ाकू वर्दी का अनावरण होने के बाद अब यह इसी साल से कई बैचों में अधिकारियों और सैनिकों को जारी की जाएगी। नई वर्दी में 15 पैटर्न, 8 डिजाइन, 4 फैब्रिक का विकल्प रखा गया है।

रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि नई डिजिटल लड़ाकू वर्दी (बीडीयू) के निर्माण और आपूर्ति के लिए निजी और राज्य के स्वामित्व वाली दोनों संस्थाओं की भागीदारी के साथ एक खुली निविदा की योजना है। अभी तक सैन्य अधिकारी और सैनिक बाजार से कपड़ा खरीदकर खुद ही वर्दी सिलवा सकते थे लेकिन अब नया डिजिटल पैटर्न वाला कपड़ा खुले बाजार में उपलब्ध नहीं होगा। यानी इस तरह की योजना बनाई गई है कि यह कपड़ा खुले बाजार में उपलब्ध न हो। निविदा प्रक्रिया के जरिये वर्दी को रेडीमेड कपड़ों की तरह विभिन्न आकारों में सिला जाएगा, जिसकी आपूर्ति बाद में विभिन्न इकाइयों और संरचनाओं को की जाएगी।

रक्षा सूत्रों ने कहा कि लगभग 13 लाख सैनिकों वाली सेना के लिए वर्दी बनाने की निविदा प्रक्रिया निजी और सरकारी दोनों उद्यमों के लिए खुली रहेगी। सेना ने पहले ही केंद्रीय रक्षा और गृह मंत्रालय से कानून और व्यवस्था की स्थिति से निपटने के दौरान या आतंकवाद से प्रभावित शहरी क्षेत्रों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा लड़ाकू वर्दी पहनने के खिलाफ दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था। वर्दी के लिए चुना गया कपड़ा हल्का लेकिन मजबूत है और गर्मी एवं सर्दी दोनों के लिए उपयुक्त है। नई लड़ाकू वर्दी में वर्तमान की तरह कंधे और कॉलर टैग काले रंग के होंगे। कंधे की धारियों यानी रैंक को दर्शाते हुए इसे आगे के बटनों पर ले जाया जा सकता है।

Updated : 15 Jan 2022 11:09 AM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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