अमेरिका ने PoK–अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया, ट्रेड डील के बाद शेयर हुआ इंडियन मैप

सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हुआ नक्शा?
दरअसल, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश आमतौर पर अपने सरकारी नक्शों में विवादित इलाकों को अलग रंग या डॉटेड लाइनों के ज़रिये दिखाते रहे हैं। पहले के अमेरिकी नक्शों में भी PoK को अलग तरह से दर्शाया जाता था। लेकिन इस बार ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के साथ जारी मैप में भारत की सीमाएं पूरी तरह एकजुट रूप में दिखाई गईं, जिसने लोगों को चौंका दिया। यही वजह है कि यह नक्शा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
जानबूझकर या अनजाने में?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जानबूझकर उठाया गया था या अनजाने में, इस पर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि, इतना साफ है कि ट्रम्प प्रशासन के दौर में जारी इस मैप ने भारत के क्षेत्रीय दावे को पूरी तरह दर्शाया है। भारत लंबे समय से यह रुख रखता आया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और PoK अवैध कब्जे में है।
PoK विवाद की जड़ें: 1947 से चला आ रहा मुद्दा
भारत और पाकिस्तान के बीच PoK को लेकर विवाद आज का नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें 1947 के विभाजन तक जाती हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
1947 – भारत-पाक विभाजन
जम्मू-कश्मीर एक रियासत थी। महाराजा हरि सिंह हिंदू थे, जबकि आबादी मुस्लिम बहुल थी। रियासत के पास भारत, पाकिस्तान या स्वतंत्र रहने का विकल्प था।
1947–48 – पहला भारत-पाक युद्ध
पाकिस्तान समर्थित कबायली हमलावरों ने कश्मीर में घुसपैठ की। हालात बिगड़ने पर महाराजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी और 26 अक्टूबर 1947 को इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद भारतीय सेना ने हस्तक्षेप किया। युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे आज PoK कहा जाता है।
1949 – युद्धविराम
संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और सीजफायर लाइन बनी, जिसे बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) कहा गया।
भारत का रुख
भारत का कहना है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, PoK सहित, उसका अभिन्न अंग है महाराजा के विलय पत्र के बाद यह कानूनी रूप से भारत का हिस्सा बना 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। पाकिस्तान का कहना है कि कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है इसलिए इसे पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए पाकिस्तान PoK में अपनी व्यवस्था चलाता है।
कूटनीतिक संकेत ?
अमेरिकी ट्रेड ऑफिस द्वारा जारी यह नक्शा भारत-अमेरिका संबंधों में बदलते समीकरणों की ओर इशारा करता है। खासतौर पर ऐसे समय में, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील आगे बढ़ रही है रणनीतिक साझेदारी मजबूत हो रही है यह मैप सिर्फ एक ग्राफिक नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
