ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल कर परिवार का व्यापार बढ़ाया

ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल कर परिवार का व्यापार बढ़ाया
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एक साल में संपत्ति 12,800 करोड़ रुपए बढ़ी, भारत में चल रहे 8 प्रोजेक्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद की शक्ति का इस्तेमाल कर खुद और अपने परिवार को फायदा पहुंचाया। ट्रम्प विदेशी सरकारों और कंपनियों से ऐसे सौदे कर रहे हैं, जिनसे उनके परिवार को आर्थिक लाभ मिल रहा है। ट्रम्प ने गुरुवार को दावोस में दावा किया कि वे अमेरिका को फिर से महान और अमीर बना रहे हैं। उन्होंने अपनी नीतियों और टैरिफ के कारण 16.48 लाख करोड़ रुपये के निवेश आने का दावा किया।

वहीं, 20 जनवरी को आई न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक टैरिफ वॉर का बोझ अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ा है। इस दौरान ट्रम्प की निजी संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। जनवरी 2025 में दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद पिछले एक साल में ट्रम्प की संपत्ति कम से कम करीब 12,810 करोड़ रुपए बढ़ी है। असली कमाई इससे ज्यादा भी हो सकती है, क्योंकि कई मुनाफे सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में 8 ट्रम्प-ब्रांडेड प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं या प्लान किए गए हैं, जिनमें रेसिडेंशियल टावर्स, कमर्शियल स्पेस और अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

पुणे में बन रहा ट्रम्प वर्ल्ड सेंटर

ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन 20 से ज्यादा विदेशी प्रोजेक्ट्स चला रहा है। इनसे उन्होंने करीब 210 करोड़ रुपये की कमाई की है, जिसमें ओमान में लग्जरी होटल और सऊदी अरब में गोल्फ कोर्स शामिल हैं। भारत में पहला ट्रम्प-ब्रांडेड कमर्शियल प्रोजेक्ट ट्रम्प वर्ल्ड सेंटर पुणे में बन रहा है। इससे ट्रम्प को 289 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई होने का अनुमान है। इसके अलावा गुड़गांव में रेसिडेंशियल और होटल प्रोजेक्ट्स भी सूचीबद्ध हैं।

ट्रम्प के गाजा पीस बोर्ड को लेकर घिरे पाक प्रधानमंत्री

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को दावोस में अमेरिका के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं। यह बोर्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अगुवाई में गाजा में शांति कायम करने और फिर से बसाने के लिए बनाया गया है। इस कदम के बाद शहबाज शरीफ अपने ही देश में घिर गए हैं।

पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियों ने उनके फैसले का विरोध किया है और इसे पाकिस्तान के हितों के खिलाफ बताया है। प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक जाहिद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान ने जल्दबाजी में यह कदम उठाया है। हुसैन के अनुसार प्रधानमंत्री को दूसरों के फैसलों का इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने इसे ट्रम्प की जोखिम भरी नीति का हिस्सा बताया और कहा कि यह बोर्ड यूनाइटेड नेशंस (यूएन) की तरह एक संगठन बनता जा रहा है, जो वैश्विक व्यवस्था के लिए खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक अमीरों का क्लब बनता जा रहा है।

ट्रम्प की ‘गुड बुक्स’ में रहने के लिए गाजा पीस बोर्ड से जुड़ा पाकिस्तान

लेखक जाहिद हुसैन ने चिंता जताई कि पाकिस्तान ट्रम्प की गुड बुक्स में बने रहने के लिए उनकी नीतियों का पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार देश की विदेश नीति ऐसी नहीं होती। बोर्ड में इजराइल और अब्राहम समझौते करने वाले देश शामिल हैं, लेकिन फिलिस्तीनियों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने इसे ‘विनाशकारी कदम’ करार दिया।हुसैन ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान हमास को हथियार छोड़ने के लिए मजबूर करने को तैयार है। उन्होंने आशंका जताई कि अमेरिकी जनरल के नेतृत्व में गाजा में फोर्स तैनात की जा सकती है और पाकिस्तानी सैनिकों को फिलिस्तीनी प्रतिरोध से लड़ना पड़ सकता है।

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