सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ उबल रहा ईरान, प्रदर्शन में अब तक 10 की मौत, प्रिंस ने ट्रंप को क्यों कहा थैक्यू

सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ उबल रहा ईरान, प्रदर्शन में अब तक 10 की मौत, प्रिंस ने ट्रंप को क्यों कहा थैक्यू
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ईरान में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महंगाई, मुद्रा की कीमत में भारी गिरावट और बेरोजगारी के मुद्दे पर विरोध जारी हैं। यह कई प्रांतों में पहुंच चुका है।

तेहरानः ईरान की जनता में सत्ताधारी सरकार के प्रति नाराजगी के चलते अशांति बढ़ती जा रही है। जनता सातवें दिन कट्टरपंथी शासन के खिलाफ जनता सड़कों पर है। महंगाई, मुद्रा की कीमत गिरावट और अनइंप्लॉइमेंट के मुद्दों को लेकर देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन और गिरफ्तारियां जारी है। यह विरोध अब तक देश के 50 से अधिक शहरों तक पहुंच गया है। अमेरिका की एक समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शन में अब तक 10 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबरें हैं। साथ ही कई दर्जनों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प भी हुई है।

दरअसल, इरान में वर्तमान में आर्थिक तंगी, अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट और बढ़ती महंगाई देखी जा रही है। यहां के रुपये की कीमत भी गिरती जा रही है। पहले इसका विरोध दुकानदारों से शुरू हुआ फिर पूरे देश में फैल गया। ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के चलते स्कूल बंद करा दिए गए हैं। इस फैसले को बड़े स्तर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अंकुश लगाने की कोशिश माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कड़ाके की ठंड में ऊर्जा बचाने की जरूरत के चलते यह कदम उठाया गया है। लेकिन, आम ईरानी इसे सुरक्षा कारणों से लिया गया एहतियाती फैसला मान रहे हैं।

कई देशों ने जारी की एडवाइजरी

ईरान में बढ़ते विरोध और मौजूदा हालातों को देखते हुए कनाडा ने ईरान के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें नागरिकों को ईरान की सभी तरह की यात्राओं से बचने को कहा गया है। इसमें ईरान में बढ़ती महंगाई व आर्थिक कठिनाइयों के खिलाफ जारी प्रदर्शनों का जिक्र किया गया है।

सुरक्षाबलों से प्रदर्शनकारियों की हुई झड़प

ईरान में जारी प्रदर्शन के बीच कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों को बीच तीखी झड़प की खबरें भी सामने आई हैं। प्रोटेस्ट के चलते हालात तनाव पूर्ण बने हुए हैं। प्रोटेस्ट के बीच कुछ इलाकों में सुरक्षाबलों ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया।

अधिकारियों ने अमेरिका और इजराइल पर लगाया आरोप

ईरान के मौजूदा हालातों पर सीनियर सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी और सेक्रेटरी अली लारिजानी ने ईरान में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ होने का आरोप लगाया है।लारिजानी ने एक्स पर लिखा, “ट्रंप को यह समझना चाहिए कि इस घरेलू मामले में अमेरिका का दखल पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर देगा और अमेरिकी हितों के विनाश का कारण बनेगा. अमेरिकी जनता को यह जानना चाहिए कि इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत ट्रंप ने ही की है और उन्हें अपने सैनिकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए.”

प्रिंस ने क्यों कहा थैंक्यू

ईरान के मौजूदा हालातों पर अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रोटेस्ट करने वालों को गोली मारी जाती है या वाइलेंस के जरिए मारा जाता है तो अमेरिका दखल देगा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हम पूरी तरह अलर्ट हैं और एक्शन लेने के लिए तैयार हैं। उनके बयान के बाद ईरान के क्राउन प्रिंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद दिया

उन्होंने कहा कि उनके 'मजबूत नेतृत्व और समर्थन' से ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ा है। खुद को 46 साल से जारी शासन को खत्म करना चाहने वाले प्रदर्शनकारियों का संदेशवाहक बताते हुए क्राउन प्रिंस ने कहा कि उनके पास ईरान में “स्थिर संक्रमण” की स्पष्ट योजना है। इतना ही नहीं क्राउन प्रिंस ने क्षेत्र में शांति और समृद्धि को वापस लाने के लिए अमेरिका के साथ रिश्ते दोबारा मजबूत करने की भी वकालत की है।

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