Breaking News
  • T20 वर्ल्डकप में पहला डबल सुपर ओवर: रोमांचक मुकाबले में SA ने अफगानिस्तान को हराया
  • मुंबईः BMC में ठाकरे परिवार का दबदबा खत्म! निर्विरोध मेयर चुनी गईं बीजेपी की रितु तावड़े
  • सरकार ने आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए वंदे मातरम् गीत किया अनिवार्य
  • मुंबई: सलमान खान के करीबी को भी मिली धमकी, करोड़ों रुपए की मांग
  • चांदी में बड़ी गिरावट के बाद फिर आई तूफानी तेजी, 2.6 लाख रुपये के पार हुई कीमत
  • पटना सिविल कोर्ट को छठी बार धमकी, मौके पर बम निरोधक दस्ता पहुंचा
  • नरवणे की किताब से जुड़ा विवाद: पेंगुइन इंडिया को पुलिस का नोटिस
  • मोहाली: बम से उड़ाने की धमकियों के बाद स्कूलों को किया गया बंद

होम > विदेश

चुनाव से पहले बढ़े अपराध, हादी की हत्या के बाद हिंसा चरम पर

चुनाव से पहले बढ़े अपराध, हादी की हत्या के बाद हिंसा चरम पर

चुनाव से पहले बढ़े अपराध हादी की हत्या के बाद हिंसा चरम पर

बांग्लादेश में मानवाधिकार संगठनों ने जारी किए हिंसा के मामले

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। 12 फरवरी को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी बीच देशभर में भारी हिंसा देखने को मिल रही है, जिससे चुनावी माहौल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर 2025 को चुनाव की तारीख का ऐलान किया था। इसके तुरंत बाद इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की ढाका में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। हादी की हत्या के बाद कई राजनीतिक हत्याएं भी सामने आईं।

बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि चुनाव शेड्यूल जारी होने के बाद से चुनाव से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

निर्दलीय उम्मीदवार की भी भरे बाजार में हुई हत्या

मानवाधिकार संगठनों ने देश में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ने की रिपोर्ट दी है। 21 जनवरी को चुनावी कैंपेन शुरू होने के बाद से चार मौतें, 414 घायल और झड़प की 51 घटनाएं दर्ज की गई हैं। निर्दलीय उम्मीदवार सलमान उमर रुबेल के समर्थक नजरुल इस्लाम की मैमनसिंह जिले के धोबौरा स्थित इरशाद बाजार में हत्या कर दी गई।

इसी तरह जमात-ए-इस्लामी के सचिव रेजाउल करीम की शेरपुर के श्रीबर्दी उपजिला में पीट-पीटकर और ईंटों से कुचलकर हत्या कर दी गई। अचमिता यूनियन के पूर्व बीएनपी अध्यक्ष एवं कटियाडी, किशोरगंज-2 से पूर्व यूनियन परिषद सदस्य मोहम्मद कमाल उद्दीन की भी मौत हो गई। वहीं कंचन, रूपगंज, नारायणगंज में स्वैच्छिक दल के नेता अजहर की जान चली गई।

75 झड़पों में 11 की मौत, 616 घायल

मानवाधिकार सांस्कृतिक फाउंडेशन (एमएसएफ) ने दिसंबर और जनवरी के तुलनात्मक विश्लेषण में मानवाधिकार स्थिति में तेज गिरावट की रिपोर्ट दी है। एमएसएफ ने हालात को ज्यादा मुश्किल, हिंसक और चिंताजनक बताया है। चुनाव से जुड़ी 64 रिपोर्ट की गई घटनाओं में से 33 में बीएनपी और जमात के बीच झड़पें हुईं, 13 बीएनपी के आंतरिक विवादों से जुड़ी थीं, नौ बीएनपी समर्थकों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच हुईं, जबकि एक-एक घटना गोनो ओधिकार परिषद, एक निर्दलीय उम्मीदवार और बीएनपी बनाम एनसीपी से संबंधित थी।

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, ऐन ओ सलीश केंद्र की रिपोर्ट में बताया गया है कि केवल जनवरी माह में कम से कम 75 झड़पें हुईं, जिनमें 11 लोगों की मौत हुई और 616 लोग घायल हुए। वहीं 21 जनवरी से 31 जनवरी तक कैंपेन शुरू होने के बाद 51 झड़पें दर्ज की गईं, जिनमें कम से कम चार मौतें हुईं और 414 लोग घायल हुए।

पुलिस मुख्यालय ने जारी किए आंकड़े

पुलिस मुख्यालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 से 26 जनवरी 2026 तक कुल 144 हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 55 झड़पें, धमकाने के 11 मामले, छह उम्मीदवारों पर हमले, गैरकानूनी हथियारों से जुड़ी दो घटनाएं, चुनावी गतिविधियों में 17 बाधाएं, चुनाव कार्यालयों को निशाना बनाकर आठ हमले और आगजनी की घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कारणों से जुड़ी 24 घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।

चुनाव से जुड़ी 274 हिंसक घटनाएं

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस विंग ने बताया कि 12 दिसंबर से 1 फरवरी तक रात 9 बजे तक के 53 दिनों में चुनाव से जुड़ी 274 हिंसक घटनाएं हुई हैं। इसकी तुलना में 10वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के दौरान 22 दिसंबर 2013 से 4 जनवरी 2014 के बीच 530 घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें 115 लोगों की मौत हुई थी और 315 लोग घायल हुए थे।