राजकोट में 12 घंटे में 7 बार कांपी जमीन, स्कूलों में एहतियातन छुट्टी

गुजरात के राजकोट में शुक्रवार को सुबह की शुरुआत कुछ अलग ही अंदाज़ में हुई. लोग अभी नींद से पूरी तरह जागे भी नहीं थे कि धरती बार-बार हिलने लगी, बीते 12 से 24 घंटों के बीच भूकंप के कुल 7 झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया हालांकि राहत की बात यह रही कि झटके हल्के थे और किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है ।
कितनी तीव्रता के थे झटके?
सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इन सभी झटकों की तीव्रता 2.7 से 3.8 मैग्नीट्यूड के बीच दर्ज की गई। सबसे तेज झटका शुक्रवार सुबह 6:19 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.8 थी, अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र राजकोट से सटे उपलेटा से करीब 28 किलोमीटर दूर दर्ज किया गया है ।
सुबह-सुबह 6 बार हिली धरती
शुक्रवार सुबह लगातार झटकों ने लोगों की घबराहट बढ़ा दी। समय के हिसाब से झटकों का क्रम कुछ इस तरह रहा
- पहला झटका: सुबह 6:19 बजे
- दूसरा झटका: 6:55 बजे
- तीसरा झटका: 6:58 बजे
- चौथा झटका: 7:10 बजे
- पांचवां झटका: 7:13 बजे
- छठा झटका: 7:33 बजे
इसके अलावा गुरुवार रात 8:43 बजे भी भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया था. बार-बार आ रहे कंपन ने लोगों के मन में बड़े भूकंप की आशंका पैदा कर दी है ।
स्कूलों में छुट्टी, प्रशासन अलर्ट
लगातार झटकों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है । भारत सरकार की संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने जनवरी 2025 में नया भूकंप डेंजर मैप जारी किया था। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत की करीब 75% आबादी भूकंप के खतरनाक क्षेत्रों में रह रही है, हिमालयी क्षेत्र को पूरी तरह अल्ट्रा-हाई रिस्क ज़ोन (Zone VI) में रखा गया है वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमालय के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स पिछले करीब 200 सालों से पूरी तरह सक्रिय नहीं हुई हैं, जिससे वहां भारी तनाव जमा हो चुका है। ऐसे में भविष्य में बड़े भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
