Breaking News
  • पश्चिम बंगाल: नेताजी के प्रपौत्र सुभाष चंद्र बोस के वंशज चंद्र कुमार बोस ने टीएमसी जॉइन की
  • जम्मू-कश्मीर के डोडा में कांपी धरती, 4.6 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया
  • बेनतीजा रही इस्लामबाद में हुई अमेरिका-ईरान की बातचीत , जेडी वेंस बोले- ईरान ने हमारी शर्तें नहीं मानी
  • PM मोदी ने सभी संसदीय दल के नेताओं को पत्र लिखकर महिला आरक्षण पर समर्थन मांगा
  • मुंबई: मशहूर गायिका आशा भोसले का ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन
  • बिहार में नए सीएम बनाने की कवायद तेज, शिवराज सिंह चौहान ऑब्जर्वर बनाए गए

होम > देश

पाकिस्तानी DGMO ने शांति के लिए भारत से की प्रार्थना, अमेरिका ले रहा क्रेडिट

पाकिस्तानी DGMO ने शांति के लिए भारत से की प्रार्थना, अमेरिका ले रहा क्रेडिट

India- Pakistan News: फायरिंग और सैन्य कार्यवाई रोकने के लिए पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO को कॉल किया।


पाकिस्तानी dgmo ने शांति के लिए भारत से की प्रार्थना अमेरिका ले रहा क्रेडिट

India- Pakistan News: भारत और पाकिस्तान सीमा पर कई दिनों से चल रहा संघर्ष अब शांत हो चुका है। इस बात की जानकारी खुद भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दी। विक्रम मिस्री की तरफ से कहा गया कि आज यानी शनिवार को दोपहर 15:35 बजे पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने फोन पर भारतीय DGMO से बातचीत की। बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि आज भारतीय समयानुसार 17:00 बजे से जल, थल और वायु में हो रही गोलीबारी और सैन्य करवाई बंद कर दी जाएगी। दोनों ही देशों को इस सहमति लागू करने के लिए कुछ दिशा निर्देश दिए जायेंगे। जिसके लिए DGMO 12 मई को दोपहर बारह बजे फिर से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। 


भारत- पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर कहा जा रहा है कि यह अमेरिका की मौजूदगी में हुआ। फिलहाल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ यह सामने आया है कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से फोन पर बातचीत की। यह संघर्ष विराम द्विपक्षीय था। इसमें कोई तीसरा देश शामिल नहीं था। अभी तक की बातचीत में किसी भी तरीके की कोई शर्त या बात नहीं रखी गई है। आईडब्ल्यूटी संधि स्थगित रहेगी। आतंकवाद पर भारत का रुख एकदम अडिग है।

एस जयशंकर ने किया पोस्ट 

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संघर्ष विराम को लेकर एक पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने लिखा, "भारत और पाकिस्तान ने आज गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई है। भारत ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लगातार दृढ़ और अडिग रुख अपनाया है। वह ऐसा करना जारी रखेगा।" 


Related to this topic: