मकर संक्रांति: कहीं पतंगों की मस्ती, कहीं चाइनीज मांझे से मातम

भोपाल। मकर संक्रांति का नाम आते ही मन में तिल-गुड़, पतंगें और धूप वाली सुबह घूमने लगती है.इस साल मकर संक्रांति दो दिन मनाई जा रही है। वजह खगोलीय है सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर बाद हुआ इसलिए कई जगह 15 जनवरी को पुण्यकाल माना गया । लेकिन इस बार त्योहार का दिन सिर्फ खुशियों तक सीमित नहीं रहा. देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें भी आईं जिन्होंने जश्न के बीच सावधानी की ज़रूरत फिर से याद दिला दी ।
गुजरात में अमित शाह की पतंग कटी
अहमदाबाद के नारणपुरा इलाके में बुधवार को माहौल बिल्कुल रंगीन था। छतों पर लोग हाथों में डोर और आसमान में सैकड़ों पतंगें. इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह भी परिवार और कार्यकर्ताओं के साथ पतंग उड़ाते नज़र आए । पतंगबाजी के दौरान जब उनकी पतंग कट गई, तो आसपास मौजूद लोग मुस्कुरा उठे ।
उत्सव के बीच हादसों की खबरें
जौनपुर में डॉक्टर की मौत
उत्तर प्रदेश के जौनपुर से आई खबर ने पूरे दिन का माहौल भारी कर दिया. पतंग उड़ाने के दौरान चाइनीज़ मांझे से एक डॉक्टर की गर्दन कट गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोग बताते हैं कि डॉक्टर रोज़ की तरह घर लौट रहे थे। सड़क पर उड़ती पतंग का मांझा अचानक उनकी गर्दन में फंस गया।
इंदौर और बांसवाड़ा में दो युवक घायल
मध्य प्रदेश के इंदौर और राजस्थान के बांसवाड़ा में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं. दोनों जगह बाइक सवार चाइनीज़ मांझे की चपेट में आए। गला कटने से गंभीर चोटें आईं और फिलहाल दोनों अस्पताल में भर्ती हैं । कर्नाटक में भी मांझे से गला कटने से बाइक सवार की मौत हो गई ।
घाटों पर आस्था, घरों में पकवान
दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में त्योहार पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया. गंगा, नर्मदा और शिप्रा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही, ठंड के बावजूद लोगों ने स्नान किया दान-पुण्य किया और सूर्य देव को अर्घ्य दिया । झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम में तिल-गुड़ का भोग लगाया गया। दक्षिण भारत में पोंगल की रौनक दिखी, वहीं पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी की आग के चारों ओर लोग जुटे।
