मुंबई में पहली बार BJP का मेयर तय! 4 साल बाद BMC को मिलेगा नया नेतृत्व

मुंबई । करीब चार साल से खाली पड़ा मुंबई का सबसे ताकतवर सियासी पद अब भरने जा रहा है शुक्रवार सुबह शुरू हुई मतगणना के रुझानों ने साफ कर दिया है कि इस बार इतिहास बनने वाला है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को पहली बार भाजपा का मेयर मिल सकता है ।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: BJP गठबंधन की बड़ी बढ़त
महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव नतीजों की गिनती शुक्रवार सुबह 10 बजे से जारी है। शुरुआती रुझानों में 23 नगर निगमों में BJP गठबंधन आगे चल रहा है. मुंबई के साथ-साथ पुणे, नागपुर और नासिक जैसे बड़े शहरों में भी गठबंधन ने मजबूत बढ़त बना ली है। लेकिन सभी की नजरें टिकी हैं सिर्फ BMC पर ।
BMC में इतिहास बनने के संकेत
बृहन्मुंबई महानगरपालिका देश की सबसे अमीर नगर निकाय मानी जाती है. यहां अब तक भाजपा का कोई मेयर नहीं बन पाया था । इस बार BJP और शिवसेना गठबंधन की बढ़त के साथ उम्मीद जताई जा रही है कि BMC के इतिहास में पहली बार भाजपा का नेता मेयर की कुर्सी संभालेगा।
चार साल से क्यों खाली था मेयर का पद?
मुंबई में मेयर का पद चार साल से खाली है आखिरी बार यह जिम्मेदारी शिवसेना नेता किशोरी पेडनेकर ने निभाई थी। वे 22 नवंबर 2019 से 8 मार्च 2022 तक मुंबई की मेयर रहीं । इसके बाद पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो गया और नगर निगम का कामकाज सीधे नगर आयुक्त के हाथों में चला गया ।
2017 के बाद पहली बार हुए चुनाव
BMC के पिछले चुनाव फरवरी 2017 में हुए थे, पार्षदों का 5 साल का कार्यकाल 7 मार्च 2022 को खत्म हुआ इसके बाद से मुंबई बिना चुने हुए प्रतिनिधियों के प्रशासनिक मोड में चल रही थी अब चुनाव नतीजों के साथ ही शहर को राजनीतिक नेतृत्व मिलने का रास्ता साफ हो गया है ।
मेयर का चुनाव कैसे होता है?
BMC में कुल 227 पार्षद चुने जाते हैं जिन्हें मुंबई में नगरसेवक या कॉरपोरेटर कहा जाता है जिस पार्टी या गठबंधन के पास बहुमत होता है वही मेयर पद का सबसे बड़ा दावेदार बनता है. मेयर का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि चुनकर आए पार्षद करते हैं । मेयर का कार्यकाल 2.5 साल और पार्षदों का कार्यकाल 5 साल होता है यानी एक BMC कार्यकाल में आमतौर पर दो मेयर चुने जाते हैं ।
