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गोली लगने से एमपी में चीते की मौत

कूनो में चीते को किसने मारी गोली? जांच के लिए केंद्र सरकार ने भेजी टीम

मध्य प्रदेश के कूनो से जुड़े 19 महीने के चीते KNG22 की गोली के छर्रे लगने से मौत हो गई। केंद्र और राज्य सरकार ने जांच शुरू की है। निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में है।


कूनो में चीते को किसने मारी गोली  जांच के लिए केंद्र सरकार ने भेजी टीम

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से जुड़े 19 महीने के नर चीते KNG22 की गोली के छर्रे लगने से मौत हो गई । चीते के शरीर से ऑपरेशन के दौरान पांच छर्रे निकाले गए थे।  घटना को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर को जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम भेज दी। राज्य सरकार ने भी वन और पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम बनाई है ।

मुरैना के जंगल में घायल मिला था चीता

KNG22, मादा चीता निर्वा का शावक था, वह 25 अक्टूबर को कूनो के सुरक्षित क्षेत्र से बाहर मुरैना के जंगल में घायल मिला था। वन विभाग ने उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए जबलपुर भेजा।  जबलपुर में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में उसका ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों ने उसके शरीर से पांच गोली के छर्रे निकाले लेकिन तमाम कोशिशों के बाद 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।

मध्य प्रदेश की मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. समीता राजौरा के मुताबिक, मामले के कई पहलुओं की जांच की जा रही है।  यह पता लगाया जा रहा है कि चीते को गोली किसने मारी और इसके पीछे क्या वजह थी।

निगरानी के बावजूद कैसे हुआ हमला?

हर चीते की निगरानी के लिए रेडियो कॉलर और एक विशेष टीम की मदद ली जाती है।  इसके बावजूद चीते के घायल होने और फिर मौत होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं । जांच में यह भी देखा जाएगा कि निगरानी में कोई चूक हुई थी या नहीं।

केंद्र की टीम में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं । टीम घटना के सबूतों की जांच करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव देगी।

भारत में चीता बसाने की परियोजना सितंबर 2022 में शुरू हुई थी। इसके तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते लाए गए थे । इस घटना ने चीतों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित क्षेत्रों से बाहर जाने पर निगरानी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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