केदारनाथ-बद्रीनाथ में एंट्री के सख्त नियमों की तैयारी: ब्लॉगिंग पर जब्ती; गैर-हिन्दुओं की नो एंट्री

देहरादून। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को लेकर बड़े बदलावों की आहट मिल रही है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) श्रद्धालुओं के लिए नए एंट्री नियम तय करने की तैयारी में है। इन नियमों में मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन पर रोक, ब्लॉगिंग करने वालों पर सख्ती और गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। कपाट खुलने से पहले BKTC इस पर बैठक कर अंतिम फैसला ले सकती है। इस बार बद्रीनाथ धाम के कपाट पिछले साल के मुकाबले 11 दिन पहले 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे।
फोन लेकर घूमे तो जब्त होगा, जुर्माना भी
BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम मंदिर समिति के अधीन आते हैं, इसलिए नियम तय करने का अधिकार भी समिति का है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई श्रद्धालु मंदिर परिसर में फोन लेकर घूमता हुआ पाया गया, तो फोन जब्त किया जाएगा और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है दरअसल समिति को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग दर्शन के बजाय मंदिर परिसर में वीडियो, रील और ब्लॉगिंग में लग जाते हैं। इसी को देखते हुए यह सख्ती की जा रही है।
ब्लॉगिंग वालों की वजह से सख्ती
BKTC का कहना है कि कई लोग दर्शन स्थल को कंटेंट क्रिएशन की जगह बना रहे हैं। देश के कई बड़े मंदिरों में पहले से ऐसे नियम लागू हैं। अब केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में भी अपने नियम होंगे, ऐसा समिति का तर्क है। पहले जानिए, किन नियमों पर काम चल रहा है
1. फोन पर बैन, ब्लॉगिंग पर नजर
दोनों धामों के भीतर एक सीमा क्षेत्र (बॉर्डर लाइन) तय करने की योजना है। इस सीमा के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी फोन यूज करता मिला तो तुरंत कार्रवाई होगी। श्रद्धालुओं के लिए लॉकर की व्यवस्था भी की जा सकती है, हालांकि इसका किराया और जगह अभी तय नहीं है।
2. गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर रोक
हेमंत द्विवेदी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि BKTC के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस पर भी बैठक में फैसला लिया जा सकता है।
नियम लागू हुए तो क्या बदलेगा?
अगर कोई व्यक्ति केदारनाथ या बद्रीनाथ में फोटो या ब्लॉगिंग करना चाहता है, तो उसे पहले BKTC या जिला प्रशासन (DM) से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति पकड़े जाने पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है, हालांकि कार्रवाई का स्वरूप अभी साफ नहीं किया गया है इस बार मंदिर परिसरों के पास लॉकर बनाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु अपने मोबाइल और अन्य सामान वहां रख सकें। लॉकर फ्री होंगे या चार्जेबल, इस पर समिति अभी विचार कर रही है।
वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित
तय सीमा के बाद मंदिर परिसर में फोटो और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एंट्री से पहले चेकिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है।
