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India Sends Aid To Nepal after Flood tragedy

Nepal Flood Tragedy: भारत ने नेपाल भेजी 37.5 टन राहत सामग्री, C-17 ग्लोबमास्टर से पहुंची मदद

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच भारत ने राहत अभियान तेज कर दिया है। C-17 ग्लोबमास्टर से 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट नेपाल भेजे गए हैं।


nepal flood tragedy भारत ने नेपाल भेजी 375 टन राहत सामग्री c-17 ग्लोबमास्टर से पहुंची मदद

Indian send Relief Aids in Nepal |

नई दिल्ली। नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। संकट की जानकारी मिलते ही भारत ने राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए सहायता भेजना शुरू कर दिया। बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता भेजने के बाद गुरुवार को भारत ने 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप नेपाल पहुंचाई गई।

 जयशंकर ने शेयर किया वीडियो

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी है। दूसरी उड़ान में 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री, दवाइयाँ और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग जारी रखा जाएगा।

C17 ग्लोबमास्टर से भेजी गई राहत सामग्री

भारतीय वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा। हिंडन एयरपोर्ट से उड़ान भरने से पहले विमान के कमांडर कैप्टन एल नायक के अनुसार, विमान में करीब 20 से 40 टन राहत सामग्री, मेडिकल सप्लाई और एनडीआरएफ का सामान ले जाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि काठमांडू तक उड़ान का समय करीब 1 घंटे 15 मिनट है। जरूरत पड़ने पर विमान के पास हवा में 1 से डेढ़ घंटे तक रुकने के लिए पर्याप्त ईंधन है। लंबे समय तक लैंडिंग में दिक्कत होने की स्थिति के लिए भारत में दो एयरबेस भी तय किए गए हैं।

पहले 10 टन फिर 37.5 टन राहत सामग्री

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दूसरी उड़ान में 37.5 टन HADR सामग्री, दवाइयाँ और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं। भारत ने कहा है कि वह इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। इतना ही नहीं राहत कार्यों को पूरा समर्थन देता रहेगा।

नेपाल की औपचारिक रूप से सौंपी गई राहत सामग्री

भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने राहत सामग्री नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इसमें बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी राहत सामग्री शामिल है।

नेपाल में बढ़ता जा रहा मृतकों का आंकड़ा

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह तक भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद 162 शव बरामद किए जा चुके थे। पुलिस के अनुसार, ये शव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र के निचले इलाकों के अलग-अलग जिलों में बरामद हुए हैं। इनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी पूर्व और नवलपरासी पश्चिम शामिल हैं।

नेपाल में कैसे आई भीषण बाढ़ 

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का प्रवाह हिमस्खलन के कारण रुक गया था। इसके बाद अचानक पानी का दबाव बढ़ा और बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र तिमुरे गांव को प्रभावित किया। खास बात यह रही कि इलाकों में उस समय बारिश नहीं हुई थी। इसलिए स्थानीय लोगों को अचानक आई इस आपदा का अंदाजा नहीं था और वे रोजमर्रा के काम में जुटे हुए थे। देखते ही देखते बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी।

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