अमेरिकी अधिकारी बोले– EU डील से भारत को ज्यादा फायदा, टेलीग्राफ ने कहा- असली विजेता मोदी

नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इस बीच अमेरिकी ट्रेड अधिकारी जैमीसन ग्रीर का बयान चर्चा में है। उनका कहना है कि भारत-EU डील का सबसे बड़ा फायदा भारत को मिलने वाला है। वहीं, ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ ने भी इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है।
अमेरिकी ट्रेड अधिकारी का दावा
अमेरिकी ट्रेड अधिकारी जैमीसन ग्रीर ने फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कई मायनों में भारत के लिए फायदेमंद दिखता है। उनके मुताबिक, इस डील के बाद भारत को यूरोप के बड़े बाजार तक ज्यादा पहुंच मिलेगी ग्रीर ने कहा- मैंने अब तक इस डील के कुछ डिटेल्स देखे हैं। ईमानदारी से कहूं तो इसमें भारत को फायदा मिलता दिख रहा है। भारत को यूरोपीय बाजार में ज्यादा पहुंच मिल रही है।
अमेरिका की सख्त ट्रेड नीति भी बड़ी वजह
ग्रीर ने यह भी इशारा किया कि भारत-EU डील के पीछे अमेरिका की बदली हुई ट्रेड पॉलिसी भी एक अहम कारण है, उन्होंने कहा कि अमेरिका अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दे रहा है और विदेशी सामान पर टैरिफ जैसे सख्त कदम उठा रहा है उनके मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर शुल्क लगाने से यूरोपीय यूनियन जैसे ब्लॉक को नए बाजारों की तलाश करनी पड़ी। ऐसे में भारत एक स्वाभाविक विकल्प बनकर उभरा।
भारतीय वर्कर्स के लिए खुल सकते हैं यूरोप के दरवाजे
ग्रीर का कहना है कि इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में भारतीय प्रोफेशनल्स और वर्कर्स की यूरोप में आवाजाही से जुड़े प्रावधान भी शामिल हो सकते हैं उन्होंने कहा- ऐसा लगता है कि समझौते में कुछ इमिग्रेशन राइट्स भी दिए जा सकते हैं। पूरी जानकारी अभी नहीं है, लेकिन EU की राष्ट्रपति उर्सुला वॉन डेर लेयेन पहले ही भारतीय वर्कर्स की मोबिलिटी की बात कर चुकी हैं।
टेलीग्राफ: असली विजेता पीएम मोदी
ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने इस समझौते को लेकर साफ शब्दों में लिखा है कि भले ही यूरोपियन कमीशन इसे अपनी जीत बता रहा हो. लेकिन हकीकत में इसके सबसे बड़े विजेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं अखबार के मुताबिक, EU ने इस डील के लिए भारत और रूस की करीबी दोस्ती को नजरअंदाज किया है। यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है, इसके बावजूद EU ने भारत के साथ व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाया।
चारों ध्रुवों से व्यापार करता भारत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की थी, इसके बावजूद भारत ऐसा देश बनकर उभरा है, जो रूस, EU, चीन और अमेरिका, सभी के साथ एक साथ व्यापार कर रहा है अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने जहां EU पर खुद के खिलाफ युद्ध को फंड करने जैसे आरोप लगाए हैं, वहीं यूरोप का मानना है कि अमेरिका की आक्रामक टैरिफ नीति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों को कमजोर किया है।
मदर ऑफ ऑल डील्स पर लगी मुहर
भारत और यूरोपीय यूनियन ने 27 जनवरी को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन किए, इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। इस समझौते से करीब 2 अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा और यह वैश्विक GDP के लगभग 25% हिस्से को कवर करेगा इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मौजूद रहे।
